दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया. इस धरने में राहुल गांधी समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे. प्रदर्शन के बीच सरकार की ओर से बात करने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह भी धरनास्थल पहुंचे. लेकिन बातचीत बेनतीजा रही. इस बीच सरकार के उच्च सूत्रों की ओर से इस प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया सामने आई है. सूत्रों का कहना है कि पीएम आवास के बाहर धरना सुरक्षा से खिलवाड़ है.
सरकार ने क्या दी प्रतिक्रिया?
उच्च सूत्रों ने सरकार के हवाले से बताया कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना एक खतरनाक परंपरा है. यह सुरक्षा से खिलवाड़ है. ये लोकतंत्र में द्वेषपूर्ण व्यवहार है. वहीं दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर एक्शन किया है. पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत विपक्ष के नेताओं को हिरासत में लिया.
कांग्रेस ने रखी 5 मांगें
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने केंद्र सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं. उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, केंद्रीय गृहमंत्री से दोनों सदनों में इस मामले पर बयान देने और सदन में पूरे प्रकरण पर विस्तृत चर्चा कराई जाने की मांग की गई है. छात्रों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से सुना और संबोधित किया जाए. प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए.
लोक कल्याण मार्ग पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का धरना देर शाम तक जारी रहा. सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है. राहुल गांधी सहित अन्य सांसदों ने जमीन पर बैठकर प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री का इस्तीफा मांगा. इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा.
राहुल गांधी का बात से मुकर जाना दुर्भाग्यपूर्ण: जितेंद्र सिंह
केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जैसे नेता का अपनी बात से मुकर जाना दुर्भाग्यपूर्ण है और लोकतंत्र की हर मर्यादा के विपरीत है. केंद्रीय राज्यमंत्री का यह बयान उस समय आया, जब राहुल गांधी सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की लाठीचार्ज की घटना का मुद्दा उठा रहे थे.
उन्होंने लिखा कि कुछ समय पहले यह ज्ञात हुआ कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके साथ अन्य वरिष्ठ नेता, जैसे कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी इत्यादि अकस्मात ही अकबर रोड के समीप एक स्थान पर अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए हैं. सरकार ने इस वरिष्ठ दल की गरिमा के दृष्टिगत, मुझे स्वंय और मेरे साथ केंद्रीय गृह सचिव, गोविंद मोहन को इन वरिष्ठ नेताओं से वार्ता करने के लिए मौके पर भेजा. राहुल गांधी से अनुरोध किया गया कि वे अपना धरना समाप्त करें, क्योंकि यह स्थल धरने का स्थल नहीं है और यहां पर धरना करने से जनसाधारण को काफी असुविधा भी पहुंच रही है.
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