विज्ञापन
This Article is From Apr 21, 2018

महाभियोग पर 25 साल बाद कांग्रेस की भूमिका बदली

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस देने वाली कांग्रेस ने 25 साल पहले सत्ता में रहते हुए ऐसी ही कार्यवाही का विरोध किया था.

महाभियोग पर 25 साल बाद कांग्रेस की भूमिका बदली
सुप्रीम कोर्ट के मुख्‍य न्‍यायाधीश के खिलाफ कांग्रेस ने महाभियोग लाने का प्रस्‍ताव दिया
  • कांग्रेस ने 25 साल पहले ऐसी ही कार्यवाही का विरोध किया था
  • मई 1993 में SC के न्यायमूर्ति वी रामास्वामी पर महाभियोग चलाया गया
  • कपिल सिब्बल ने ही लोकसभा में बनाई गई विशेष बार से उनका बचाव किया था
नई दिल्ली: प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस देने वाली कांग्रेस ने 25 साल पहले सत्ता में रहते हुए ऐसी ही कार्यवाही का विरोध किया था. दिलचस्प बात यह है कि पहले तीन मौकों पर उस वक्त महाभियोग प्रस्ताव लाए गए थे जब कांग्रेस केंद्र की सत्ता में थी. मई 1993 में जब पहली बार सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति वी रामास्वामी पर महाभियोग चलाया गया तो वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में कपिल सिब्बल ने ही लोकसभा में बनाई गई विशेष बार से उनका बचाव किया था. 

सीजेआई के महाभियोग के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वालों में मनमोहन सिंह और पी. चिदंबरम शामिल नहीं

कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों द्वारा मतदान से अनुपस्थित रहने की वजह से यह प्रस्ताव गिर गया था. उस वक्त केंद्र में पी वी नरिंह राव के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी. न्यायमूर्ति रामास्वामी के अलावा वर्ष 2011 में जब कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश सौमित्र सेन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया गया तो भी कांग्रेस की ही सरकार थी. 

सिक्किम हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति पी डी दिनाकरण के खिलाफ भी इसी तरह की कार्यवाही में पहली नजर में पर्याप्त सामग्री मिली थी, लेकिन उन्हें पद से हटाने के लिये संसद में कार्यवाही शुरू होने से पहले ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया था. कांग्रेस और छह अन्य विपक्षी दलों ने देश के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा पर ‘कदाचार’ और ‘पद के दुरुपयोग’ का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस दिया था.

कांग्रेस ने महाभियोग को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया: अरुण जेटली

राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को महाभियोग का नोटिस देने के बाद इन दलों ने कहा कि ‘संविधान और न्यायपालिका की रक्षा’ के लिए उनको ‘भारी मन से ’ यह कदम उठाना पड़ा है. 
 
लेखक के बारे में
img
भाषा
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Congress, Impeachment, CJI Dipak Mishra, Supreme Court, Kapil Sibal
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com