कुछ दिनों बाद शुरू होने वाले संसद के मॉनसून सत्र से पहले दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु से एक बेहद अप्रत्याशित राजनीतिक गठजोड़ की सुगबुगाहट सामने आ रही है. राज्य की सत्ता में विरोधी खेमे में होने के बावजूद केंद्र में विपक्षी गठबंधन की मजबूती के लिए TVK-DMK साथ आ सकते हैं. दोनों दल केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी दलों के INDIA ब्लॉक में शामिल हो सकते हैं. इस बात की चर्चा VCK प्रमुख और सांसद थिरुमावलवन के बयान से शुरू हुई. थिरुमावलवन ने कहा है कि DMK और TVK तमिलनाडु में एक-दूसरे के खिलाफ लड़ सकते हैं, लेकिन BJP के खिलाफ एक ही राष्ट्रीय गठबंधन का हिस्सा बन सकते हैं. थिरुमावलवन के इस प्रस्ताव का कांग्रेस ने भी समर्थन किया है.
कांग्रेस सांसद ने कहा- देश हित में साथ आना चाहिए
NDTV से बात करते हुए कांग्रेस सांसद जोथिमणि सेन्नीमलाई ने कहा कि यह मुद्दा पार्टी की राजनीति से परे है और INDIA के भविष्य के बारे में है, जो व्यापक विपक्षी एकता का संकेत देता है. उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी हर संस्था पर कब्जा कर रही है, हम लोग इस समय बहुत बुरे दौर में है. ऐसे में हम सभी को साथ आना चाहिए. हमें निजी हितों को पीछे छोड़ देश के भविष्य के लिए साथ आना चाहिए.
🔴#BREAKING | Congress endorses VCK's idea of TVK-DMK tie up
— NDTV (@ndtv) July 11, 2026
Senior Congress leader and MP Jothimani Sennimalai (@jothims) speaks to NDTV's @jsamdaniel, says "it is about India's future"@reetksahni pic.twitter.com/BQhyfdBKmH
VCK प्रमुख का प्रस्ताव, उस पर कांग्रेस सांसद का जोश और बीते कुछ दिनों में कांग्रेस का DMK पर डोरे डालना... कुल मिलाकर ये स्थितियां एक अप्रत्याशित राजनीति गठजोड़ की ओर इशारा कर रहा है.
विजय की जीत से पहले कांग्रेस-डीएमके थी साथ
मालूम हो कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव का परिणाम आने से पहले कांग्रेस और डीएमके गठबंधन में थे. लेकिन चुनावी नतीजों में टीवीके की बड़ी जीत के बाद कांग्रेस ने DMK से गठबंधन तोड़ दिया था. फिर यहां कांग्रेस TVK नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल हो गई. कांग्रेस और अन्य दलों के समर्थन से ही विजय सरकार बनाने में सफल हो सके. लेकिन अब राज्य की सत्ता के बाद केंद्र में विपक्षी गठबंधन को मजबूत बनाने के लिए टीवीके-डीएमके के साथ आने का प्रस्ताव दिया गया है.
स्टालिन, विजय भाजपा के खिलाफ एक ही राष्ट्रीय गठबंधन में शामिल हो सकते है... VCK प्रमुख थिरुमावलवन की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विपक्ष विभिन्न राज्यों में अलग-अलग राजनीतिक समीकरणों के बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट रहने की कोशिश कर रहा है. डीएमके शुरू से ही इंडिया (INDIA) ब्लॉक का हिस्सा रही है, जबकि टीवीके के पास अभी तक कोई सांसद नहीं है. ऐसे में यह अप्रत्याशित गठबंधन वर्तमान के बदले भविष्य का सवाल बन जाता है.
विजय के मंत्री ने इस प्रस्ताव को लोकतंत्र की खूबसूरती बताया
VCK प्रमुख के इस प्रस्ताव पर TVK के मंत्री राज मोहन की प्रतिक्रिया भी सामने आई है. राज मोहन ने VCK प्रमुख के इस प्रस्ताव को 'लोकतंत्र की खूबसूरती' बताया है. उन्होंने साफ किया कि TVK अपने सहयोगियों पर कोई तानाशाही दबाव नहीं डालती और वे खुलकर बोलने के लिए स्वतंत्र हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि TVK भाजपा को अपना वैचारिक विरोधी मानती है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष के साथ जाने की संभावनाएं खुली रहती हैं. हालांकि इस प्रस्ताव पर अभी तक DMK की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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