- दिल्ली में BJP सरकार के 1 वर्ष पूरे होने पर CM ने शालीमार बाग से विकास कार्यों का नया अध्याय शुरू किया.
- CM ने पीतमपुरा में आयोजित समारोह में क्षेत्र के विकास कार्यों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने पेश किया
- 2025 में बीजेपी की सरकार बनने को विकास की दिशा बदलने वाला जनादेश और जनता के विश्वास की जीत बताया गया.
दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के एक वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने विधानसभा क्षेत्र शालीमार बाग से विकास कार्यों की शुरुआत की. पीतमपुरा स्थित डिस्ट्रिक्ट पार्क में अनेक जनहितकारी परियोजनाओं का शुभारंभ करते हुए क्षेत्र के विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड भी पेश किया. साथ ही उन्होंने डीटीसी के हजारों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देने के अलावा आधुनिक तकनीक से यातायात को सुगम बनाने के लिए 1,200 करोड़ रुपये के अनुदान को मंजूरी दी है.
'CM बनना ईश्वर की विशेष कृपा और जनता के प्रेम का परिणाम'
मुख्यमंत्री ने अपने बचपन की स्मृतियों को याद करते हुए कहा कि त्रिनगर से पीतमपुरा आने वाली एक साधारण बच्ची ने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि वही गलियां एक दिन उसे दिल्ली की सेवा का सर्वोच्च अवसर देंगी. उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र ने उन्हें बचपन, पहचान और संस्कार दिए, उसी क्षेत्र की विधायक और फिर मुख्यमंत्री बनना ईश्वर की विशेष कृपा और जनता के प्रेम का परिणाम है.
CM ने पेश किया रिपोर्ट कार्ड
मुख्यमंत्री ने एक वर्ष का रिपोर्ट कार्ड साझा करते हुए बताया कि केवल शालीमार बाग विधानसभा में लगभग 250 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रारंभ या पूर्ण किए जा चुके हैं, जबकि बड़े स्तर की परियोजनाएं हजारों करोड़ रुपये की हैं. उन्होंने मुनक नहर पर प्रस्तावित लगभग 5000 करोड़ रुपये की एलिवेटेड सड़क, नहर किनारे सौंदर्यीकरण और छठ घाट, आधुनिक ऑडिटोरियम, मॉडल स्कूल, नए कम्युनिटी हॉल, विस्तारित आयुर्वेदिक अस्पताल, उन्नत जच्चा-बच्चा केंद्र और नए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसी योजनाओं को आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ी ऐतिहासिक पहल बताया.

यातायात को सुगम बनाने के लिए अनुदान को मंजूरी
वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के हजारों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देने के अलावा आधुनिक तकनीक से यातायात को सुगम बनाने के लिए 1,200 करोड़ रुपये के अनुदान को मंजूरी दी है. इस राशि का बड़ा हिस्सा कर्मचारियों के वेतन और वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है. मुख्यमंत्री का कहना है कि यह केवल सरकारी अनुदान नहीं है, बल्कि अपने उन कर्मचारियों के प्रति सम्मान और आभार है जो हर मौसम में दिल्ली को थमने नहीं देते. हमने यह भी सुनिश्चित किया है कि हमारे बुजुर्ग पेंशनभोगियों को कभी अपनी मेहनत की कमाई के लिए इंतजार न करना पड़े.

मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्त विभाग द्वारा जारी किए गए 1,200 करोड़ रुपये के अनुदान में से 1,100 करोड़ रुपये सीधे तौर पर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, पेंशन और अन्य देयताओं के लिए आवंटित किए गए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि डीटीसी और उसके कर्मचारी दिल्ली की लाइफलाइन हैं. यह राशि उनके और उनके परिवारों की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करेगी ताकि उन्हें समय पर भुगतान मिल सके.
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