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सीएम फडणवीस ने मंत्री माणिकराव कोकाटे का इस्तीफा किया मंजूर, अजित पवार गुट से बने थे मिनिस्टर

मानिकराव कोकाटे को गिरफ्तार करने के लिए नाशिक पुलिस की विशेष टीम मुंबई के लिए निकल गई है. बताया जा रहा है कि उन्हें गिरफ्तार करने के बाद नाशिक लाया जाएगा और फिर उनसे पूछताछ की जाएगी.

सीएम फडणवीस ने मंत्री माणिकराव कोकाटे का इस्तीफा किया मंजूर, अजित पवार गुट से बने थे मिनिस्टर
  • CM देवेंद्र फडणवीस ने कैबिनेट मंत्री मानिकराव कोकाटे का इस्तीफा न्यायालय के फैसले के बाद स्वीकार कर लिया है
  • मानिकराव कोकाटे पर आरक्षित फ्लैटों के दुरुपयोग के आरोप में दो साल की जेल और जुर्माना की सजा सुनाई गई है
  • कोकाटे और उनके भाई पर नासिक के कनाडा कॉर्नर इलाके में फर्जी दस्तावेजों से फ्लैट हासिल करने का आरोप था
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मुंबई:

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कैबिनेट मंत्री माणिकराव कोकाटे का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. कोकाटे ने नासिक कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को सौंपा था. उनका यह फैसला तब आया जब नासिक की सत्र अदालत ने 1995 के फ्लैट घोटाले में मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा सुनाई गई दो साल की जेल और 50,000 रुपये जुर्माने की सजा को बरकरार रखा और गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया.

डिप्टी सीएम अजित पवार का बयान

उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने X पर पोस्ट करते हुए कहा, “महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और मेरे पार्टी साथी माणिकराव कोकाटे ने माननीय कोर्ट के फैसले के बाद मुझे अपना इस्तीफा दे दिया है. हमारी पार्टी की सोच हमेशा रही है कि कानून का राज सबसे ऊपर है. इस्तीफा सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत मुख्यमंत्री को भेज दिया गया है. ” पवार ने आगे कहा कि पार्टी सार्वजनिक जीवन में संवैधानिक नैतिकता, संस्थागत ईमानदारी और न्यायपालिका के सम्मान को सर्वोपरि मानती है.

क्या है पूरा मामला?

मामला 1995 का फ्लैट घोटाला है, जिसमें मुख्यमंत्री कोटे के तहत आरक्षित फ्लैटों के दुरुपयोग का आरोप है. कोकाटे और उनके भाई विजय पर आरोप था कि उन्होंने नासिक के कनाडा कॉर्नर इलाके में स्थित ‘निर्माण व्यू अपार्टमेंट' में दो फ्लैट हासिल करने के लिए फर्जी हलफनामे और दस्तावेज जमा किए. जांच में पता चला कि दोनों भाई उसी इमारत में अन्य फ्लैटों का भी उपयोग कर रहे थे. जिला प्रशासन की जांच के बाद सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ. कोर्ट ने कोकाटे को दो साल की कड़ी कैद और 50,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई.

राजनीतिक असर

कोकाटे सिन्नर विधानसभा क्षेत्र से पांच बार के विधायक रहे हैं और उनका राजनीतिक निष्ठा बदलने का इतिहास रहा है. कैबिनेट में शामिल होने के बाद से वे कई विवादों के केंद्र में रहे. जुलाई में विधान परिषद सत्र के दौरान मोबाइल पर गेम खेलने के आरोपों के बाद उनसे कृषि मंत्रालय छीन लिया गया था. अब स्पोर्ट्स और माइनॉरिटी मंत्रालय भी उनसे ले लिया गया है. यह इस्तीफा महायुति सरकार के लिए बड़ी शर्मिंदगी माना जा रहा है, क्योंकि इससे पहले धनंजय मुंडे को भी हत्या के मामले में इस्तीफा देना पड़ा था.

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