- उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन दो दिनों के लिए प्रदेश दौरे पर आएंगे
- नितिन नवीन सीएम योगी आदित्यनाथ, दोनों डिप्टी सीएम और भाजपा के सभी विधायकों व सांसदों से मुलाकात करेंगे
- भाजपा संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के लिए नितिन नवीन सभी स्तरों के पदाधिकारियों से मिलेंगे
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीने का वक्त बचा है. देश की सबसे बड़ी असेंबली के चुनाव के लिए सभी दलों ने कमर कसनी शुरू कर दी है और इलेक्शन मशीन कही जाने वाली भाजपा भी एक्टिव हो गई है. राम मंदिर में चढ़ावा चोरी वाले विवाद के बीच भाजपा खासतौर पर सतर्क हो गई है. इस बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन दो दिनों के यूपी दौरे पर आ रहे हैं. वह शनिवार को पहुंचेंगे और रविवार तक राज्य में ही कैंप करेंगे. उनकी इस विजिट को असेंबली इलेक्शन की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि उनकी मुलाकातें सीएम योगी आदित्यनाथ और दोनों डिप्टी सीएम तक ही सीमित नहीं रहेंगी.
वह राज्य के सभी भाजपा विधायकों, सांसदों और विधान परिषद सदस्यों से भी मिलेंगे. इसके अलावा वह जिलाध्यक्षों और महानगर अध्यक्षों से भी मुलाकात करेंगे. भाजपा की ओर से बताया गया है कि नितिन नवीन रविवार तो चाय पर चर्चा का भी एक कार्यक्रम करने वाले हैं. इसमें वह प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्षों से मुलाकात करेंगे. माना जा रहा है कि नितिन नवीन का संगठन से लेकर सरकार तक सभी से मिलना चाहते हैं. उनकी कोशिश है कि सरकार और संगठन के बीच तालमेल में कमी न रहे. चुनाव में दोनों के बीच का तालमेल अहम होगा. इसके अलावा सभी की मीटिंग से वह संदेश देना चाहेंगे कि हाईकमान की सब पर नजर है और हर किसी की कदर है.
यूं भी भाजपा बूथ प्रमुख, पन्ना प्रमुख जैसी माइक्रो मैनेजमेंट की रणनीति पर काम करती है. ऐसे में नितिन नवीन उसे आगे बढ़ाएंगे. यही कारण है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसे पद पर होते हुए भी वह एक-एक महानगर अध्यक्ष तक से मुलाकात करेंगे. भाजपा की यूपी टीम के गठन के बाद वह पहली बार प्रदेश में आ रहे हैं. इसलिए चुनाव और टीम के गठन से इसे जोड़ा जा रहा है. नितिन नवीन का एक कार्यक्रम यूपी में समाज के प्रमुख लोगों के साथ भी रखा गया है. इस तरह अध्यक्ष की ओर से समाज के अलग-अलग वर्गों तक भी संदेश देने की कोशिश होगी. बता दें कि यूपी में भाजपा लगातार तीसरी बार चुनाव जीतना चाहेगी.
'सरकार से संगठन एकजुटता का देना चाहेंगे संदेश'
सीएम योगी आदित्यनाथ की लीडरशिप में भाजपा को 2022 में भी जीत मिली थी, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को झटका लगा था. ऐसे में नितिन नवीन चाहते हैं कि असेंबली इलेक्शन के लिए नवीन रणनीति बनाई जाए, जिससे ऐन वक्त पर कोई आपाधापी न रहे. इसके लिए जरूरी है कि सरकार से संगठन तक सभी में तालमेल बना रहे. शायद यही सुनिश्चित करने के लिए वह सरकार के प्रतिनिधियों के अलावा संगठन के लोगों से भी मिलने वाले है. उनकी ओर से शायद एकजुटता का संदेश देते हुए यह कहा जाएगा कि अब वक्त कम है और हम सभी को एक यूनिट के तौर पर चुनाव के लिए जुटना होगा.
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