- महाराष्ट्र की राजनीति में पूर्व सांसद नवनीत राणा और उद्धव ठाकरे फिर आमने-सामने नजर आ रहे हैं.
- उद्धव ठाकरे नागपुर में राम रक्षा स्त्रोत का पाठ और महाआरती करने वाले हैं.
- वहीं उद्धव के विरोध में नवनीत अमरावती में हनुमान चालीसा का पाठ करने वाली हैं.
महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर से 'धार्मिक राजनीति' शुरू होती दिख रही है. शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और भाजपा नेता व पूर्व सांसद नवनीत राणा के बीच पुराना 'हनुमान चालीसा विवाद' फिर से नए रूप में सामने आ गया है. क्योंकि एक तरफ 18 जुलाई से उद्धव ठाकरे नागपुर में 'राम रक्षा स्तोत्र' का पाठ कर राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर भाजपा और सत्ता पक्ष को घेरने की तैयारी में है. वहीं दूसरी तरफ पूर्व सांसद नवनीत राणा ने उद्धव ठाकरे के विरोध में अमरावती में 'हनुमान चालीसा' का पाठ शुरू करने का ऐलान करते हुए ठाकरे गुट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
नागपुर में उद्धव ठाकरे करेंगे पाठ
महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे शनिवार को नागपुर में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ 'राम रक्षा स्तोत्र' का पाठ और महाआरती का आयोजन करेंगे. नागपुर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस का गृह क्षेत्र है. ऐसे में यहां सियासी पारा गर्मा गया है. उद्धव ठाकरे इस मुद्दे के जरिए सत्ताधारी महायुति गठबंधन को घेरने की रणनीति पर काम कर रहे हैं. उन्होंने अपनी पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं से 'राम रक्षा स्तोत्र' का पाठ करके विरोध जताने की बात कही है.
ये भी पढे़ंः बगावत कर बनी NCP, बगावत कर बनी अजीत NCP, अब अजीत NCP में बगावत?
नवनीत राणा ने किया ठाकरे गुट का विरोध
उद्धव ठाकरे के इस धार्मिक दांव पर अमरावती की पूर्व सांसद और बीजेपी नेता नवनीत राणा ने भी मोर्चा खोल दिया है. नवनीत राणा ने नागपुर के इस आंदोलन के विरोध में अमरावती की हनुमानगढ़ी में अपने समर्थकों के साथ भव्य 'हनुमान चालीसा' पाठ करेगी. नवनीत राणा ने उद्धव ठाकरे पर तंज कसते हुए कहा'जब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने हनुमान चालीसा का विरोध किया था. हमारे घर के सामने आकर हंगामा किया और मुझे और मेरे पति को 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया गया था. लेकिन आज जब उनकी सत्ता चली गई, पार्टी टूट गई और विधायक छोड़कर चले गए, तब उन्हें अचानक भगवान राम और हनुमान जी की याद आ रही है.' नवनीत राणा शनिवार को अमरावती में उद्धव ठाकरे के नागपुर में होने वाले आंदोलन का विरोध करेगी.
क्या है उद्धव ठाकरे और नवनीत राणा का विवाद
दरअसल, महाराष्ट्र में चल रहा मौजूदा सियासी घटना क्रम 2022 के विवाद की याद दिलाता है. तब महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे थे. उस दौरान तत्कालीन सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा ने उद्धव ठाकरे के निजी आवास 'मातोश्री' के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने का एलान किया था. जिसके बाद उन्हें देशद्रोह के आरोपों के तहत जेल जाना पड़ा था. उसके बाद सियासी हालत बदले और ठाकरे की सरकार गिर गई थी. लेकिन अब एक बार फिर हिंदुत्व के मुद्दे पर ठाकरे और राणा गुट आमने-सामने नजर आ रहे हैं. जिसे महाराष्ट्र की सियासत में अहम माना जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उद्धव ठाकरे जहां भाजपा के पारंपरिक 'राम' कार्ड के जरिए ही भाजपा को घेरना चाहते हैं, वहीं बीजेपी और नवनीत राणा उद्धव ठाकरे को 'हिंदुत्व विरोधी' साबित करने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहतीं.
उद्धव ठाकरे के नागपुर दौरे और नवनीत राणा के अमरावती में हनुमान चालीसा पाठ के आयोजन को लेकर दोनों शहरों में सुरक्षा व्यवस्था बड़ा दी गई है. सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक दोनों राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने हैं, जिससे महाराष्ट्र का सियासी पारा पूरी तरह गर्माया हुआ है.
ये भी पढे़ंः NDA में शामिल होंगे शरद पवार? चर्चा के बीच BJP का मैसेज- पहले NCP के दोनों धड़ों का विलय फिर मंत्री पद का ऑफर
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं