
जदयू के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार ने आज भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने सोशल मीडिया को 'एंटी-सोशल' बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने उम्मीद जतायी कि लोग अपने विचार रखेंगे, लेकिन लोकतंत्र को अमर्यादित नहीं करेंगे।
फेसबुक के जरिए नीतीश ने बताया कि पिछले कई हफ्तों में उन्हें सौ से अधिक छोटी-बड़ी बैठकों में अपनी पार्टी के लोगों से मिलने का अवसर मिला और उनके साथ तमाम विषयों पर चर्चा हुई। इन बैठकों के दौरान सोशल मीडिया के विषय में जो बातें हुईं उसमें से कुछ पहलू वे साझा कर रहे हैं।
नीतीश ने कहा कि लोकतंत्र में सोशल मीडिया एक प्रभावशाली ताकत है तो वहीं उसकी 'स्वतंत्र अपसंस्कृति' से खतरा भी है। उन्होंने भाजपा पर सोशल मीडिया को एंटी-सोशल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि हम इस अपसंस्कृति का अनुकरण नहीं करेंगे। अपने विचार रखेंगे, उसे फैलाएंगे पर किसी को अपशब्द कहकर लोकतंत्र को अमर्यादित नहीं करेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जदयू से प्रत्येक वर्ग, समुदाय, जाति एवं धर्म के लोग स्वत: जुड़े हैं।.. इसलिए हम कभी झूठे वादे अथवा विभाजनकारी विचारों की राजनीति नहीं कर सकते।
उन्होंने दावा किया कि कोई ऐसा समूह नहीं है जिसका उनकी पार्टी के प्रति दुर्भाव हो अथवा जिसके हित के लिए जदयू ने कार्य नहीं किया हो।
उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र विचार और बोली से चलता है, गोली से नहीं। यह बहुत बुनियादी बात है जो सोशल मीडिया पर भी लागू होती है। जब तमाम लोग इस बात को समझने लगेंगे तब सोशल मीडिया की ताकत से लोकतंत्र मजबूत होगा।'
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