- भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिम बंगाल में मतदाताओं को धमकाने के आरोप को लेकर चुनाव आयोग से मुलाकात की.
- केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि चुनाव को हाईजैक करने के लिए मतदाताओं को डराया और दबाया जा रहा है.
- रिजिजू ने तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी पर भाजपा समर्थकों को घर-घर जाकर धमकाने का आरोप लगाया.
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर के आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं. भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल को लेकर चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की. इस दौरान भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने अपनी शिकायतों से जुड़ी एक याचिका उन्हें सौंपी है, जिसमें भाजपा नेताओं का कहना है कि बंगाल में चुनाव को प्रभावित करने के लिए मतदाताओं को डराने‑धमकाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिस पर आयोग से गंभीर चर्चा की गई.
भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के कार्यकर्ता लोगों को बीजेपी को वोट न देने के लिए धमका रहे हैं. बंगाल में चुनाव को हाईजैक करने के लिए मतदाताओं को डराया धमकाया और दबाया जा रहा है.
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टीएमसी के प्रभाव में काम कर रहा पुलिस और प्रशासन: रिजिजू
केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान तृणमूल कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन चुनावों से टीएमसी लोगों को धमकाकर चुनाव जीत रही है. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की पुलिस और प्रशासन टीएमसी के प्रभाव में काम कर रहा है. इन सभी बिंदुओं को विस्तार से अपनी याचिका में शामिल किया गया है.
चुनाव आयोग ने दिया स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, चुनाव आयोग ने उनकी सभी बातों को ध्यान से सुना और आश्वासन दिया कि राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाएंगे. बीजेपी का कहना है कि बंगाल की जनता टीएमसी सरकार के खिलाफ आवाज उठा रही है और निष्पक्ष चुनाव उनकी सबसे बड़ी मांग है.
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा. वहीं मतगणना चार मई को होगी.
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