- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जी7 देशों को बताया कि ईरान आत्मसमर्पण करने वाला है और युद्ध में अमेरिका जीत रहा है
- ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर ईरान के सैन्य और आर्थिक ढांचे को पूरी तरह नष्ट करने का दावा किया है
- आईआरजीसी ने कहा कि ईरानी सशस्त्र बल दुश्मनों के खिलाफ आखिरी सांस तक लड़ते रहेंगे और जवाबी कार्रवाई करेंगे
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार (स्थानीय समय) को एक कॉल पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्रुप ऑफ सेवन (जी7) देशों से कहा कि ईरान आत्मसमर्पण करने ही वाला है. रिपोर्ट में कॉल पर मौजूद तीन जी7 देशों के अधिकारियों का हवाला दिया गया है. यह कॉल ईरान के नये सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई के बदला लेने और नागरिकों से अमेरिका और इजरायल के हमलों के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का आग्रह करने से पहले हुई.
एक्सियोस की रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप निजी तौर पर भी युद्ध के परिणाम को लेकर उतने ही आश्वस्त हैं, जितने सार्वजनिक रूप से. हालांकि, ट्रंप ने ईरान के इस्लामी शासन के खिलाफ अपने अभियान में पूरी ताकत लगाने के अमेरिकी इरादे का संकेत दिया, ईरान को सतर्क रहने की चेतावनी दी और कहा कि रिपोर्टों में जो भी दावा किया गया हो, मगर अमेरिका इस युद्ध को जीत रहा है.
ट्रुथ सोशल पर भी किए दावे
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, “हम ईरान के आतंकवादी शासन को सैन्य, आर्थिक और अन्य हर तरह से पूरी तरह से नष्ट कर रहे हैं, फिर भी, अगर आप न्यूयॉर्क टाइम्स जैसे घटिया अखबार पढ़ेंगे, तो आपको गलतफहमी होगी कि हम जीत नहीं रहे हैं. ईरान की नौसेना खत्म हो चुकी है, उनकी वायु सेना अब अस्तित्वहीन है, मिसाइलें, ड्रोन और बाकी सब कुछ नष्ट किया जा रहा है और उनके नेता धरती से मिटा दिए गए हैं. हमारे पास बेजोड़ मारक क्षमता, असीमित गोला-बारूद और पर्याप्त समय है - देखिए आज इन विक्षिप्त बदमाशों का क्या होता है. वे 47 वर्षों से पूरी दुनिया में निर्दोष लोगों को मार रहे हैं, और अब मैं, संयुक्त राज्य अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में, उन्हें मार रहा हूं. ऐसा करना मेरे लिए कितना बड़ा सम्मान है.”
इस बीच, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा कि उसने अपने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के 44वें चरण की शुरुआत कर दी है, जिसमें इजरायल के कब्जे वाले क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों और पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है.
ईरान ने फिर धमकाया
आईआरजीसी ने कहा कि अभियान की शुरुआत एक टन वजनी वारहेड ले जाने वाली खैबर शेकान मिसाइलों की भारी बौछार से हुई, जिसने फिलिस्तीनी क्षेत्रों में इजरायली सैन्य ठिकानों, तेल अवीव, इलात और पश्चिमी अल-कुद्स सहित कई रणनीतिक स्थानों को निशाना बनाया. ईरान के खातम अल अनबिया मुख्यालय के कमांडर मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने एक बयान में कहा कि ईरानी सशस्त्र बल दुश्मनों के खिलाफ "आखिरी सांस तक" डटे रहेंगे. उन्होंने आगे कहा कि दुश्मन को "अपने अपराधों की कीमत चुकानी पड़ेगी."
होर्मुज पर क्या गच्चा खा गया अमेरिका
इससे पहले, सीएनएन की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने कथित तौर पर इस संभावना को कम करके आंका था कि ईरान अमेरिकी सैन्य हमलों के जवाब में रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर देगा. सीएनएन सूत्रों ने खुलासा किया कि चल रहे सैन्य अभियान की योजना बनाते समय, पेंटागन और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने पूरी तरह से यह अनुमान नहीं लगाया था कि ईरान जलमार्ग को बंद करने का प्रयास करेगा, हालांकि अमेरिकी सेना ने इस तरह की सिचुएशन के लिए लंबे समय से इमरजेंसी प्लान बना रखे थे.
ऑपरेशन शुरू होने से पहले हुई कुछ प्लानिंग बैठकों में अमेरिकी ऊर्जा विभाग और वित्त विभाग के अधिकारी मौजूद थे, लेकिन सीएनएन सूत्रों ने बताया कि युद्ध लंबा चलने पर खर्च का अनुमान और सभी एजेंसियों का समन्वय चर्चाओं का मुख्य बिंदु नहीं थे. अब युद्ध 13वें दिन में प्रवेश कर चुका है और दोनों में से कोई भी पक्ष पीछे हटने का संकेत नहीं दे रहा है.
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