पश्चिम बंगाल में बीजेपी के प्रभारी और केंद्रीय मंत्री मंत्री भूपेंद्र यादव ने NDTV को दिए खास इंटरव्यू में कई अहम मुद्दों पर बात की है. उन्होंने बंगाल में टीएमसी के शासनकाल का 'सूती साड़ी' वाला किस्सा बताया, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे तृणमूल कांग्रेस के लोग बीजेपी के कार्यकर्ताओं को डराने का काम करते थे. उन्होंने खुद को 'दो धारी तलवार' कहे जाने पर भी अपना जवाब दिया है. भूपेंद्र यादव ने पश्चिम बंगाल में भाजपा के उभार से लेकर सत्ता में आने तक के सफर की कई बातों पर अपनी राय दी है. 2026 के चुनाव में भूपेंद्र यादव पश्चिम बंगाल के प्रभारी थे.
बीजेपी कार्यकर्ताओं के घर भेजी थी 'सफेद सूती साड़ी'
भूपेंद्र यादव ने बताया कि पश्चिम बंगाल में 'लोकतंत्र में जनमत को साथ लेकर एक सकारात्मक सरकार बनाना हमारा लक्ष्य था. भले ही इस बार चुनाव में प्रभारी मैं था. लेकिन बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने लगातार 2016 से ही प्रयास किया, हमारे सैकड़ों कार्यकताओं ने बलिदान दिया है. मैंने खुद बंगाल में डर का माहौल देखा है. एक बार एक गांव में गया था. यहां बीजेपी के कार्यकर्ता मुझे लेकर गए थे. अगले दिन मुझे बीजेपी कार्यकर्ताओं ने फोन करके बताया कि टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने उनके घर एक 'सफेद सूती साड़ी' उनकी पत्नी को भेजी थी. यानि अगर ज्यादा प्रचार करोंगे तो आपको यह साड़ी पहनकर घूमनी पड़ेगी. यानि आपके पति को मार दिया जाएगा.'
पश्चिम बंगाल की जनता ने बीजेपी को आशीर्वाद दिया
भूपेंद्र यादव ने कहा कि इस तरह का माहौल पश्चिम बंगाल में था. लोकतंत्र जनमत से चलता है. हमारे कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र को बचाने के लिए शहादत दी है. पश्चिम बंगाल के लोगों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति विश्वास, हमारे गृहमंत्री अमित शाह ने पिछले 10 सालों में बंगाल में जन जागरण के जो काम किए थे. हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम जिसमें सुनील बंसल जी, बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष शुवेंदू अधिकारी जो अब पश्चिम बंगाल के सीएम बने हैं. इन सभी लोगों ने बहुत मेहनत और एक टीम वर्क के साथ काम किया था. इसी वजह से पश्चिम बंगाल के लोगों ने बीजेपी को अपना आशीर्वाद दिया है.
मैं सब से मिलता हूं: भूपेंद्र यादव
टीएमसी के बागी सांसदों को लेकर भूपेंद्र यादव ने कहा 'मैं सभी से मिलता हूं क्योंकि मिलना मेरा काम है. इसलिए टीएमसी के जो सांसद मुझ से मिलने आते थे. मैं उन सभी से मिलता था. इस दौरान कोई फोटो भी डाल देता था. लेकिन सब मिलना और सबको सुनना ही मेरा काम है.' वहीं शिवसेना उद्धव में दिख रही बगावत में पर भूपेंद्र यादव ने कहा कि यह सब अटकलें हैं. मेरा काम सबसे मिलना होता है.'
पश्चिम बंगाल के प्रभारी थे भूपेंद्र यादव
टीएमसी के एक नेता ने भूपेंद्र यादव को दो धारी तलवार कहा था. जिस पर उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है. वह केवल पार्टी के लिए काम करते हैं. बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी 207 सीटें जीतकर पहली बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई है. जिसमें भूपेंद्र यादव का रोल अहम रहा है. क्योंकि बीजेपी ने उन्हें बंगाल चुनाव के लिए प्रभारी बनाया था. भूपेंद्र यादव ने लंबे समय से बंगाल में डेरा जमा रखा था. उनकी टीम लगातार पश्चिम बंगाल में काम कर रही थी. जिसका सफल परिणाम रहा है. भूपेंद्र यादव को बड़ा रणनीतिकार माना जाता है. उनके प्रभारी रहते हुए बीजेपी ने कई राज्यों में जीत हासिल की है. जिसमें अब पश्चिम बंगाल भी शामिल हो गया है.
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