
स्थानीय संस्कृति का हिस्सा होने के कारण मेघालय में बीजेपी, 'बीफ' (गोमांस) पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाएगी. पार्टी के राज्य प्रमुख अर्नेस्ट मावरी (Ernest Mawrie)ने NDTV को विशेष इंटरव्यू में यह बात कही. उन्होंने कहा, "फूड हेविट कराज्य का विषय है, केंद्र का नहीं. हमारी परंपरा में बीफ है और पार्टी की ओर से इस पर कोई प्रतिबंध नहीं है. अन्य पार्टियों बीफ को लेकर दुष्प्रचार कर रही हैं. यदि बीजेपी सत्ता में आई तो हम बीफ के उपभोग (consumption) पर कोई बंदिश नहीं लगाएंगे. यह संस्कृति और जीने का तरीका है और हम इसमें दखल नहीं देंगे."
मावरी ने यह भी दावा किया कि ईसाई बहुलता वाले मेघालय राज्य में धर्म बीजेपी के विस्तार की राह में आड़े नहीं आ रहा है. उन्होंने कहा, "अब मेघालय के ईसाई बीजेपी का समर्थन करते हैं क्योंकि वे भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की जन-समर्थक योजनाओं से अवगत हैं. हम मेघालय में धर्म के खिलाफ कभी नहीं हैं. लोग पड़ोस के असम की तरह विकास चाहते हैं."गौरतलब है कि बीफ का सेवन, जो कि कई राज्यों में प्रतिबंधित है, चुनावी राज्यों में चर्चा का प्रमुख बिंदु रहा है, जहां बीजेपी पैर जमाने की कोशिश कर रही है.कल शिवसेना ने मावरी के इस कमेंट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी कि वे बीफ खाते हैं. शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में कहा गया, "जहां बीजेपी की सरकार नहीं है, वहां वे गाय और गोमांस का मुद्दा उठाते हैं. बीजेपी का हिंदुत्व महज दिखावा है, गाय के प्रति उनका प्रेम पाखंड है.
गौरतलब है कि वर्ष 2018 में बीजेपी ने मेघालय में 47 सीटों पर चुनाव लड़ने के बाद महज दो सीटों पर जीत हासिल की थी. पार्टी ने इस बार सभी 60 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं. मावरी ने कहा, "चूंकि हम लगभग 6 लाख वोटरों को टारगेट कर रहे हैं इसलिए हम सभी 60 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं. 2018 में, हमारे पास 10 फीसदी से अधिक का वोट शेयर था, लेकिन हमारा सर्वे बताता है कि बीजेपी का वोट शेयर 22 प्रतिशत से अधिक हो जाएगा,"
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