- असम और नागालैंड के बीच दशकों से चला आ रहा सीमा और ऊर्जा विवाद सुलह की दिशा में बढ़ रहा है.
- विवादित सीमावर्ती इलाकों के पेट्रोलियम ब्लॉकों में जल्द तेल और गैस उत्पादन शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है.
- गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में असम, नागालैंड और केंद्र सरकार के बीच अहम समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा.
असम और नागालैंड के बीच वर्षों से चला आ रहा सीमा और ऊर्जा विवाद अब सुलह की ओर बढ़ता दिख रहा है, जिसे एक बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है. विवादित सीमावर्ती इलाकों में मौजूद पेट्रोलियम ब्लॉकों से जल्द ही तेल और गैस उत्पादन शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे पूर्वोत्तर क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और आर्थिक विकास को भी तेज रफ्तार मिल सकती है.
सूत्रों के मुताबिक, दशकों से जारी सीमा विवाद को खत्म करने के लिए आज शाम अहम समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है. यह सफलता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई लंबी और अहम बैठकों के बाद मिली है, जिसमें असम और नागालैंड सरकारों के प्रतिनिधियों के साथ केंद्र सरकार भी शामिल रही. प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (MoU) के जरिए उन जटिल मुद्दों को सुलझाने की दिशा में उठाया जा रहा है, जिनकी वजह से इस क्षेत्र में तेल और गैस की खोज व उत्पादन लंबे समय से रुका हुआ था.
इस समझौते के लागू होने के बाद न केवल मौजूदा ब्लॉकों में काम फिर शुरू हो सकेगा, बल्कि नए ब्लॉकों की नीलामी का रास्ता भी खुलेगा. अधिकारियों का मानना है कि इससे निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर बनेंगे और दोनों राज्यों की आय में वृद्धि होगी.
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