विज्ञापन

'यह असमिया संस्कृति पर हमला है', असम BJP के चुनाव प्रभारी बैजयंत पांडा ने 'घुसपैठ' पर क्यों कहा ऐसा?

Assam Election: बीजेपी असम के चुनाव प्रभारी बैजयंत पांडा ने घुसपैठ को असमिया संस्कृति पर हमला बताया है. उन्होंने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान को लेकर भी कहा कि ये किसी खास समुदाय को निशाना बनाने के लिए नहीं किया जा रहा है.

'यह असमिया संस्कृति पर हमला है', असम BJP के चुनाव प्रभारी बैजयंत पांडा ने 'घुसपैठ' पर क्यों कहा ऐसा?
Baijayant Panda
  • असम चुनाव में बीजेपी ने अवैध घुसपैठ को असमिया संस्कृति और राज्य की अर्थव्यवस्था पर हमला बताया है
  • बीजेपी के अनुसार पिछले पांच वर्षों में लगभग 49,500 एकड़ जमीन से अवैध अतिक्रमण हटाया गया है
  • CM हिमंता सरमा ने सत्ता में वापसी पर पांच लाख बीघा जमीन से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाने का वादा किया है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

असम चुनाव में बीजेपी के लिए अहम मुद्दा घुसपैठ का रहा है. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कई बार सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए घुसपैठियों की पहचान करके उन्हें देश से बाहर निकालने का वादा किया है. अब, इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए, BJP के असम चुनाव प्रभारी बैजयंत पांडा ने अवैध घुसपैठ को 'असमिया संस्कृति पर हमला' बताया है

NDTV के साथ 'द ग्रेट ब्रह्मपुत्र डायलॉग' में बात करते हुए, पांडा ने कहा, 'असलियत यह है कि असम ने जिस तरह का हमला झेला है और मैं इसके लिए कोई नरम शब्द इस्तेमाल नहीं करूंगा, मैं इसे हमला ही कहूंगा, वैसा हमला देश के किसी और राज्य ने नहीं देखा, और मुझे नहीं लगता कि दुनिया के किसी और देश ने भी ऐसा कुछ देखा होगा.'

उन्होंने कहा, 'अगर किसी जगह की आबादी आजादी के समय से लेकर अब तक 11 प्रतिशत से बढ़कर 38 प्रतिशत हो जाए और वह भी किसी प्राकृतिक वजह से नहीं, बल्कि उन लोगों की भारी घुसपैठ की वजह से, जिन्होंने खुद ही इस देश से अलग होने का फैसला किया था तो इसका नतीजा क्या होगा? इसका नतीजा यह हुआ है कि असमिया संस्कृति पर हमला हुआ है. असम की अर्थव्यवस्था पर हमला हुआ है.'

बैजयंत पांडा ने यह भी जोर देकर कहा कि कब्जा हटाने के ये अभियान पूरी तरह से सही हैं. उन्होंने कहा, 'अनाधिकृत जमीनों से कब्जा हटाना सरकार का एक बड़ा कदम रहा है. यह पूरी तरह से सही है. यह कानून है.'

यह भी पढ़ेंः न पांच, न आठ... बंगाल में कितने चरण में होगा मतदान? पार्टियों ने चुनाव आयोग को दिलाया दिक्कतों का ध्यान

'किसी खास समुदाय को निशाना नहीं बनाते'

असम विधानसभा में सरकार की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच साल में पूरे राज्य में लगभग 1.5 लाख बीघा या 49,500 एकड़ जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है. 

हिमंता बिस्वा सरमा को हाल ही में BJP की 'जन आशीर्वाद यात्रा' के दौरान 'बुलडोजर सलामी' दी गई थी. उन्होंने घोषणा की कि यदि विधानसभा चुनावों के बाद वे फिर से सत्ता में आते हैं, तो पांच लाख बीघा (1.65 लाख एकड़ से ज्यादा) जमीन से अतिक्रमण हटाने के अभियान चलाए जाएंगे. बुलडोजर की इस कार्रवाई की विपक्षी नेताओं ने आलोचना की है, जिन्होंने इसे 'अल्पसंख्यकों का चुनिंदा निष्कासन' कहा है.

इस पर बैजयंत पांडा ने कहा, 'हकीकत यह है कि अगर अवैध कब्जा करने वालों और अवैध रूप से जमीन हड़पने वालों का एक बहुत बड़ा हिस्सा किसी खास पृष्ठभूमि से आता है, तो जाहिर है, उन्हीं को हटाया जाएगा. लेकिन यह किसी खास समुदाय को निशाना नहीं बनाता. इसका मकसद देश के कानून को लागू करना है.'

उन्होंने आगे कहा कि 'जब 70 साल से भी ज्यादा समय में लाखों घुसपैठें हुई हैं. 10 सालों में, बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है, और बड़ी संख्या में लोगों को उनके अवैध कब्जे से हटाया गया है और वापस भेजा गया है. लेकिन 70 साल के इस बैकलॉग को पूरी तरह से सुलझाने की प्रक्रिया के लिए एक समय-सीमा की जरूरत है और ऐसा हो रहा है.'

यह भी पढ़ेंः हाथ जोड़े, बंगाली भाषा में बात... विरोध-प्रदर्शनों के बीच CEC ज्ञानेश कुमार ने ऐसे की दिल जीतने की कोशिश

आज होगा तारीखों का ऐलान

असम विधानसभा का कार्यकाल 20 मई को खत्म हो रहा है. असम समेत 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान रविवार को किया जाएगा. पिछले विधानसभा चुनाव में एनडीए ने राज्य की 126 में से 75 सीटें जीती थीं. बीजेपी ने 60 सीटें जीती थीं.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com