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ये है पहाड़ का दर्ज! अरुणाचल में बादल फटने से बह गई सड़क, पालकी से मरीज को अस्पताल ले जा रहे लोग

अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन के कारण सड़कें बह गई हैं, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. ईस्ट सियांग में ग्रामीणों को एक गंभीर मरीज को कंधों पर उठाकर पहाड़ी रास्तों से अस्पताल पहुंचाना पड़ा.

ये है पहाड़ का दर्ज! अरुणाचल में बादल फटने से बह गई सड़क, पालकी से मरीज को अस्पताल ले जा रहे लोग
मरीज को पहाड़ों के रास्ते अस्पताल ले गए ग्रामीण
NDTV
  • अरुणाचल प्रदेश में हाल ही में बादल फटने से भारी बाढ़ आई, जिससे कई इलाकों में तबाही मची है
  • बाढ़ के कारण सड़कें और पुल बह गए, जिससे दूरदराज इलाकों के मरीजों को अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो गया है
  • ईस्ट सियांग जिले में मरीजों को पारंपरिक पालकी के जरिए पहाड़ियों के रास्ते अस्पताल ले जाया जा रहा है

देश के कई राज्यों में इन दिनों मॉनसून और बारिश कहर बरपा रही है. अरुणाचल प्रदेश में हाल ही में बादल फटने के बाद कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हो गए. हर जगह पानी भर गया. हालात इतने खराब हैं कि प्रभावित इलाकों में मरीजों को कुर्सी पर या पैदल ले जाया जा रहा है. 

कुदरत के कहर से सड़कें और पुल बह जाने के कारण, दूर-दराज इलाकों के ग्रामीणों को गंभीर रूप से बीमार मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए पुराने तरीकों का सहारा लेना पड़ रहा है.

घटना का वीडियो आया सामने

NDTV को एक एक्सक्लूसिव वीडियो फुटेज मिला है, जिसमें ईस्ट सियांग जिले के बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित इलाके में ग्रामीण एक गंभीर रूप से बीमार मरीज को ले जा रहे हैं. यहां मरीज को ले जाने के लिए एक पारंपरिक तरीका अपनाया गया है, जिसमें ग्रामीण एक तरह की पालकी या सीट बनाते हैं और उसे अपने कंधों पर उठाकर ले जाते हैं. चूंकि सड़क बह गई थी, इसलिए उन्हें मरीज को पहाड़ियों के रास्ते अस्पताल पहुंचाना पड़ा.

बता दें कि हाल ही में बादल फटने से आई अचानक बाढ़ ने अरुणाचल प्रदेश के लोगों को बहुत मुश्किलों में डाल दिया है. राज्य के बुरी तरह प्रभावित जिलों में 'ईस्ट सियांग' जिला भी शामिल है. अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ के हालात का जायजा लेने आए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी जमीनी स्थिति को 'खतरनाक' बताया.

अरुणाचल बाढ़ में चार की मौत, 90,000 प्रभावित

अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ की स्थिति और खराब हो गई है. राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या चार हो गई है, जबकि 21 लोग घायल हुए हैं. अधिकारियों ने बताया कि राज्य के सभी 28 जिलों में कुल 90,499 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सात दिनों में भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ आ गई और भूस्खलन हुआ, जिससे घर, सड़कें, पुल और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है और दो लोग लापता भी हैं.

मुख्यमंत्री पेमा खांडू और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं किरेन रीजीजू ने बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित केयी पन्योर जिले का दिन में हवाई और जमीनी सर्वे किया. इन नेताओं का अरुणाचल प्रदेश का दौरा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राज्य भर में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए खांडू से फोन पर बात करने के एक दिन बाद हुआ.

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