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'पेपर लीक विरोधी बिल' में सख्त कार्रवाई के कानूनी प्रावधान! जानिए क्या होंगे बड़े बदलाव

बिल में स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रावधान है. चार्जशीट दाखिल होने की तारीख से तीन महीने के अंदर ट्रायल पूरा किया जाने का नियम है.

'पेपर लीक विरोधी बिल' में सख्त कार्रवाई के कानूनी प्रावधान! जानिए क्या होंगे बड़े बदलाव
एंटी पेपर लीक बिल में कई कठोर प्रावधान जोड़े गए हैं. (Photo: NDTV)
नई दिल्ली:

देश भर में हुए बड़े विरोध-प्रदर्शनों के बाद, परीक्षा से जुड़े कानूनों में सुधार का मामला अब संसद में पहुंच गया है. पेपर लीक रोकने वाले दो साल पुराने कानून में बदलाव के लिए आज यानी 27 जुलाई को लोकसभा में एक बिल पेश किया गया है, जिसका मकसद ऐसे अपराधों के लिए सख्त कार्रवाई का कानूनी प्रावधान करना है. सरकार ने 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026' पेश किया, लेकिन विपक्ष के विरोध की वजह से सदन की कार्यवाही को जल्द ही स्थगित करना पड़ा.

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पहले विपक्षी दलों से चर्चा में शामिल होने की अपील की थी. उन्होंने कहा, "परीक्षा के पेपर लीक होने के खिलाफ एक ठोस बिल लाया जा रहा है. इसे लोकसभा में पेश किया जाएगा. हम चाहते हैं कि सभी दल चर्चा में हिस्सा लें."

बिल में क्या बदलाव शामिल हैं?

जेल की सजा 5 साल से बढ़ाकर 10 साल की गई है.
जुर्माना 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया गया है.
ऑर्गनाइज्ड क्राइम (संगठित अपराध) के लिए सजा में बदलाव किया गया है. कम से कम जेल की सजा 5 साल से बढ़ाकर 7 साल कर दी गई है.
जुर्माना कम से कम 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर कम से कम 10 करोड़ रुपये किया गया.

स्पेशल टास्क फोर्स: संशोधन बिल में गलत तरीकों यानी अनुचित साधनों के मामलों की जांच के लिए एक 'स्पेशल टास्क फोर्स' बनाने का भी प्रावधान है, जिसकी जांच के लिए दो महीने की समय-सीमा तय की गई है.

फास्ट-ट्रैक कोर्ट: बिल में स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रावधान है. चार्जशीट दाखिल होने की तारीख से तीन महीने के अंदर ट्रायल पूरा किया जाएगा.

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एनडीए की स्पेशल तैयारी!

सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन इस बिल पर बोलने के लिए युवा सांसदों को मैदान में उतारेगा. इस रणनीति का मकसद देश की Gen Z पीढ़ी की भावनाओं को भुनाना है. वक्ताओं में बीजेपी से बांसुरी स्वराज और तेजस्वी सूर्या, तृणमूल से सयानी घोष और मिताली बाग, TDP से लावू श्री कृष्ण देवरायालू, JD(U) से ललन सिंह, शिवसेना से श्रीकांत शिंदे, NCP से सुनील तटकरे, अपना दल से अनुप्रिया पटेल और LJP-राम विलास से अरुण भारती शामिल हो सकते हैं.

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