नई दिल्ली:
लोकपाल बिल को लेकर अन्ना और उनकी टीम के बीच मतभेद पैदा हो गए हैं। अन्ना हजारे ने कहा है कि अगर सरकार राहुल गांधी वाला लोकपाल लाती है तो उन्हें कोई ऐतराज नहीं होगा लेकिन शर्त यह है कि इसके कामकाज में सरकार का कोई दखल न हो। राहुल गांधी ने लोकपाल को चुनाव आयोग की तरह संवैधानिक दर्जा देने की बात संसद में कही थी। अन्ना का यह बयान अपनी टीम से अलग है जो यह कहती है कि सरकार लोकपाल बिल को लटकाए रखने के लिए संवैधानिक दर्जा देने की बात कर रही है। टीम अन्ना की सदस्य किरण बेदी का कहना है कि संवैधानिक दर्जा देने की बात करना लोकपाल बिल की हत्या का तरीका है क्योंकि इसके लिए दो−तिहाई बहुमत की जरूरत होगी जो बहुत ही मुश्किल है।
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