New Delhi:
अन्ना हजारे ने कहा कि यदि संसद के वर्तमान सत्र में मजबूत लोकपाल विधेयक पारित नहीं होता है तो वह 27 दिसंबर से यहां प्रस्तावति अपने अनशन पर आगे बढ़ेंगे। गांधीवादी कार्यकर्ता ने कहा कि वह और उनके समर्थक देश से भ्रष्टाचार को उखाड़ फेंकने तथा ग्रामीण भारत की मजबूती के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारा संघर्ष जारी है। मैं रामलीला मैदान में 27 दिसंबर से अनशन करूंगा। आप (सरकार) जन लोकपाल विधेयक लाएं। हजारे ने कहा कि जिस तरह से चीजें की जा रही हैं उससे देश के विकास में मदद नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा, हमें 70 प्रतिशत धन विकास पर और 30 प्रतिशत प्रबंधन पर खर्च करना होगा। नहीं तो काम नहीं चलेगा। हजारे ने यह भी कहा कि देश के युवाओं ने देश के विकास के प्रति कटिबद्धता जताई है। उनकी करीबी सहयोगी किरण बेदी ने कहा कि टीम अन्ना पूरी तरह लोकपाल विधेयक पर केंद्रित रही है। राहुल गांधी पर हमला बोले जाने पर कांग्रेस नेताओं की आलोचना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, दूसरे लोग क्या करते हैं या क्या कहते हैं इस पर हमारा ध्यान नहीं है। हजारे ने संसद के वर्तमान शीतकालीन सत्र में मजबूत लोकपाल विधेयक पारित नहीं होने पर 27 दिसंबर से यहां के रामलीला मैदान में अनिश्चितकालीन अनशन की धमकी दे रखी है। रविवार को वह जंतर मंतर पर एक दिन के अनशन पर बैठे थे जो एक तरह से कांग्रेस विरोधी मंच बन गया क्योंकि विपक्ष के नेताओं ने उनके साथ मंच साझा किया। हजारे ने यह अनशन संसद की स्थाई समिति की लोकपाल रिपोर्ट के विरोध में किया। उनका आरोप है कि समिति की सिफारिशों को राहुल गांधी के कहने पर कमजोर किया गया।
पूरी स्टोरी पढ़ें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
अन्ना हजारे, अनशन, 27 दिसंबर, विधेयक