अमित शाह ने बिहार भाजपा की कोर समिति के नेताओं से बातचीत की, लोकसभा चुनाव पर हुई चर्चा

भाजपा ने पिछले लोकसभा चुनाव में जनता दल (यूनाइटेड) के साथ साझेदारी में बिहार में अच्छा प्रदर्शन किया था और उन सभी 17 सीटों को जीत लिया था, जिसपर उसने चुनाव लड़ा था.

अमित शाह ने बिहार भाजपा की कोर समिति के नेताओं से बातचीत की, लोकसभा चुनाव पर हुई चर्चा

अमित शाह पटना में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता करने आए थे.

पटना:

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को बिहार के भाजपा नेताओं से बातचीत की और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लगातार तीसरी बार केंद्र की सत्ता में वापसी सुनिश्चित करने के लिए उनसे अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में भी पार्टी की जीत का सिलसिला जारी रखने को कहा. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रमुख रणनीतिकार माने जाने वाले शाह यहां पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता करने आए थे. इस बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.

मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित तीन घंटे लंबी बैठक के बाद, शाह बमुश्किल कुछ मीटर की दूरी पर स्थित राज्य अतिथि गृह चले गए, जहां उन्होंने बिहार में भाजपा की कोर समिति के सदस्यों से मुलाकात की. शाह के साथ हुई बैठक में मौजूद नेताओं में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और विपक्ष के नेता विजय कुमार सिन्हा शामिल थे.

बैठक में क्या हुआ, इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. हालांकि नेताओं ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि शाह ने उनसे लोकसभा चुनाव में पार्टी की जीत का सिलसिला जारी रखने को कहा है. भाजपा ने हाल में राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों में शानदार जीत हासिल की है.

भाजपा ने पिछले लोकसभा चुनाव में जनता दल (यूनाइटेड) के साथ साझेदारी में बिहार में अच्छा प्रदर्शन किया था और उन सभी 17 सीटों को जीत लिया था जिसपर उसने चुनाव लड़ा था, लेकिन भाजपा से नीतीश कुमार की पार्टी जद (यू) का अलग हो जाना, इस बार उसके लिए बड़ी चुनौती पेश कर सकता है.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

जद (यू) ने 2019 में लोकसभा की 16 सीटें जीती थी, लेकिन कुमार भाजपा के अगुवाई वाले गठबंधन का साथ छोड़कर ‘महागठबंधन' में चले गए हैं जिसमें कांग्रेस, राजद और तीन वामपंथी दल शामिल हैं.