भाषा, मानस मिश्रा
नई दिल्ली: तीखी बहस, नोंक-झोंक और आरोप-प्रत्यारोप के बीच लोकसभा से नागरिकता संशोधन बिल पास हो गया है और अब इस बिल को अब ऊपरी सदन यानी राज्यसभा में भेजा जाएगा. इससे पहले सोमवार को बिल पर लोकसभा में सात घंटे से ज़्यादा समय तक बहस चली. कांग्रेस समेत ज़्यादातर विपक्षी दलों ने बिल को संविधान की मूल आत्मा के ख़िलाफ़ बताते हुए इसका पुरज़ोर विरोध किया. सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बिल संविधान के ख़िलाफ़ नहीं है और इसका देश के मुसलमानों से कोई संबंध नहीं है. उन्होंने कहा कि विशेष परिस्थिति में दूसरे देशों के धार्मिक अल्पसंख्यकों को न्याय देने के लिए बिल लाया गया है.