- आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश कर अमरावती को एकमात्र राजधानी बनाने की मांग होगी
- आंध्र की नई राजधानी अमरावती का शिलान्यास 2 मई को होगा जिसमें प्रधानमंत्री मोदी के शामिल होने की संभावना है
- अमरावती राजधानी का क्षेत्रफल 217.23 वर्ग किलोमीटर होगा और इसके लिए 65,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे
आंध्र प्रदेश की राजधानी को लेकर लंबे समय से चल रहा सस्पेंस अब खत्म होने जा रहा है. अमरावती अब कानूनन आंध्र की राजधानी बनने जा रही है. इसे लेकर बुधवार को लोकसभा में बिल पेश किया जाएगा. केंद्र सरकार 1 अप्रैल को लोकसभा में 'आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026' पेश करने जा रही है. इसका मकसद अमरावती को राज्य की एकमात्र आधिकारिक राजधानी का कानूनी दर्जा देना है. मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली टीडीपी-एनडीए सरकार की इस पहल को अमरावती के भविष्य के लिए बड़ा अहम कदम माना जा रहा है. नई राजधानी अमरावती को कैसे बसाएगी सरकार, जानें.
कैसे बसेगी आंध्र की नई राजधानी अमरावती?
बता दें कि आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती सीएम चंद्रबाबू नायडू का ड्रीम प्रोजेक्ट है. इसे बसाने के लिए 2 मई को शिलान्यास समारोह आयोजित किया जाएगा. इस कार्य में पीएम मोदी के शामिल होने की भी उम्मीद है. नई राजधानी 217.23 वर्ग किलोमीटर में होगी. इसके लिए 65,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. नई राजधानी में 250 मीटर ऊंची विधानसभा की बिल्डिंग बनेगी, जो कि उल्टी लिली के शेप की होगी. आने वाले समय में यह विधानसभा अमरावती की पहचान बनेगी.
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कैसे अटका था सीएम नायडू का ड्रीम प्रोजेक्ट?
जब आंध्र प्रदेश का बंटवारा हुआ था, उस समय चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती को राजधानी बनाने की घोषणा की थी. लेकिन साल 2019 में वह चुनाव हार गए और उनका ये ड्रीम प्रोजेक्ट 5 साल के लिए अटक गया. जगन मोहन रेड्डी सरकार की इसमें कोई रुचि नहीं थी.अपने कार्यकाल के दौरान रेड्डी ने नायडू के फैसले को बदल दिया और घोषणा की कि आंध्र प्रदेश की तीन राजधानियां होंगी जिसके तहत विशाखापत्तनम को प्रशासनिक राजधानी, अमरावती को विधायी राजधानी और कुरनूल को न्यायिक राजधानी घोषित किया गया.
नई राजधानी में थीम बेस्ड 9 उप-शहर
लेकिन 2024 में नायडू के फिर से सत्ता में आते ही अमरावती पर फिर काम शुरू हुआ. न्होंने घोषणा की कि अमरावती राज्य की एकमात्र राजधानी होगी. इसके कामकाज में पहले चरण में 65 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे. नई राजधानी में थीम बेस्ड 9 उप-शहर होंगे. यहां जरूरी बिल्डिंग्स वाला एक सरकारी केंद्र भी बनाया जाएगा.
अमरावती होगी आंध्र प्रदेश की एकमात्र राजधानी
बता दें कि 28 मार्च को राज्य विधानसभा ने एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें आंध्र प्रदेश की नई राजधानी के रूप में ‘‘अमरावती'' का नाम शामिल करने के मकसद से आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम की धारा पांच में संशोधन के लिए केंद्र से अनुरोध किया गया था. NDA सरकार द्वारा प्रस्तावित आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक अमरावती के दावे को राज्य की एकमात्र राजधानी के रूप में कानूनी मजबूती देगा. टीडीपी राज्य में एनडीए की अहम सहयोगी है. लोकसभा में उसके 16 सांसदों हैं.
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