First AI University In India: आज हम जिस डिजिटल दौर में जी रहे हैं, वहां एआई अब सिर्फ एक टेक्नोलॉजी नहीं बल्कि हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. सुबह मोबाइल अनलॉक करने से लेकर रात को ऑनलाइन शॉपिंग तक, हर जगह एआई का इस्तेमाल हो रहा है. ऐसे में अब देश में कुछ ऐसा होने जा रहा है जो एजुकेशन सिस्टम को पूरी तरह बदल सकता है. चलिए आपको बताते हैं आखिर कहां खुलने जा रही है देश की पहली एआई यूनिवर्सिटी जहां भविष्य के टेक एक्सपर्ट्स को बचपन से ही तैयार किया जाएगा.
इस राज्य में शुरू होगी देश की पहली AI यूनिवर्सिटी
अगर आप भी जाने के लिए एक्साइटेड है तो आपको बता दें को आंध्र प्रदेश के अमरावती में देश की पहली एआई यूनिवर्सिटी बनने जा रही है. इस हाईटेक यूनिवर्सिटी की आधारशिला 19 फरवरी को रखी जाएगी, जिसमें माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है. सबसे बड़ी बात ये है कि दुनिया की टॉप चिप मेकर कंपनी एनवीडिया इस प्रोजेक्ट में पार्टनर के तौर पर जुड़ चुकी है और कंपनी यहां के सिलेबस से लेकर कोर्स किट तक तैयार करेगी.
-
हाथ से निकल रही है AI की ताकत! Google DeepMind के पूर्व रिसर्चर ने भारत में दी सबसे बड़ी चेतावनी -
Shashi Tharoor EXCLUSIVE: NDTV World Summit 2026 में बदलते वर्ल्ड ऑर्डर पर शशि थरूर क्या बोले? -
'चीन से व्यापार भी, सतर्कता भी' : NDTV World Summit में शशि थरूर ने बताया क्यों जरूरी है मल्टी-अलाइनमेंट -
AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड को पसंद हैं शाहरुख खान, बोलीं- ‘ओम शांति ओम’ के रीमेक में करना चाहती हूं काम -
रिजीम चेंज नहीं... शशि थरूर ने दी नई परिभाषा, चुनाव आयोग और सरकार को भी दी नसीहत -
NDTV World Summit 2026 : शशि थरूर ने बताया- कांग्रेस को लेफ्ट की जरूरत क्यों -
NDTV World Summit में शशि थरूर ने समझाया कूटनीति का असली मतलब -
चीन पर इतनी निर्भरता भारत के लिए ठीक नहीं- NDTV World Summit में बोले शशि थरूर -
NDTV World Summit 2026 | AI से एडवांस्ड टेक्नोलॉजी तक, भारत की रिसर्च को कैसे मिलेगी नई उड़ान? -
दिल्ली एयरपोर्ट से होती है दुनिया में सबसे ज्यादा Uber बुकिंग, NDTV ग्लोबल समिट में डोमिनिक टेलर ने खोले राज
पढ़ाई का तरीका होगा बिल्कुल अलग
जानकारी के मुताबिक ये यूनिवर्सिटी IIT और IIIT जैसे संस्थानों से काफी अलग होगी. यहां एडमिशन के लिए छात्रों को ग्रेजुएशन का इंतजार नहीं करना होगा. 8वीं क्लास से ही ऐसे बच्चों को चुना जाएगा जिनमें एआई को लेकर समझ और इंट्रेस्ट हो. इन स्टूडेंट्स को सीधे पीएचडी तक की पढ़ाई कराई जाएगी और सरकार की तरफ से स्कॉलरशिप भी दी जाएगी. यहां किताबों से ज्यादा प्रैक्टिकल और हैंड्स ऑन एक्सपीरियंस पर फोकस रहेगा.
लक्ष्य है अपना भारतीय AI मॉडल तैयार करना
इस यूनिवर्सिटी का सबसे बड़ा उद्देश्य भारत का खुद का लार्ज लैंग्वेज मॉडल तैयार करना है. फिलहाल हम चैटजीपीटी और जेमिनाई जैसे टूल्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यहां ऐसा मॉडल बनाया जाएगा जो भारतीय भाषाओं और संस्कृति को बेहतर तरीके से समझ सके. साथ ही रतन टाटा इनोवेशन हब के जरिए स्टूडेंट्स को इंडस्ट्री के लाइव प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका भी मिलेगा.
कब से शुरू होंगे एडमिशन
यूनिवर्सिटी के लिए 65 एकड़ जमीन पर काम शुरू हो चुका है. सरकार का लक्ष्य है कि 2028 तक ये यूनिवर्सिटी पूरी तरह तैयार हो जाए और 2029 से यहां रेगुलर एडमिशन शुरू कर दिए जाएं. आने वाले समय में यहां कई बड़ी टेक कंपनियां अपनी रिसर्च लैब्स भी खोल सकती हैं, जिससे करीब 500 एआई स्टार्टअप्स को सीधे मदद मिलने की उम्मीद है.
ड्रेस कोड से लेकर एंट्री तक, CBSE बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने से पहले जान लीजिए ये 10 नियम
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं