- पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सीएम भगवंत मान के कथित वीडियो को फर्जी बताते हुए पंथ विरोधी साजिश करार दिया
- फॉरेंसिक जांच में वायरल वीडियो में दिख रहा व्यक्ति भगवंत मान नहीं पाया गया, शारीरिक बनावट में स्पष्ट अंतर मिला
- वीडियो के कुल 1191 फ्रेम का भारत सरकार मान्यता प्राप्त दो लैबों ने तकनीकी विश्लेषण किया गया
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कथित वीडियो को मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने फर्जी बताते हुए पंथ के खिलाफ सबसे बड़ी साजिश करार दिया. उन्होंने कहा कि पंथ के खिलाफ इस तरह की साजिश रचने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. दोषियों को दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढकर पकड़कर लाएंगे. उन्होंने इस गंदी साजिश के पीछे शामिल हर शख्स को कानून के कटघरे में लाने का दावा करते हुए कहा कि मान सरकार पंथ विरोधी ताकतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी.
फॉरेंसिक रिपोर्ट से साफ, वीडियो में भगवंत मान नहीं
चीमा ने कहा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार, वायरल वीडियो में दिख रहे व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत मान नहीं हैं. जांच के दौरान वीडियो के कुल 1191 फ्रेम का तकनीकी विश्लेषण किया गया. जिसमें चेहरे, कद और शारीरिक बनावट में स्पष्ट अंतर मिला. वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की लंबाई करीब 5 फुट 10 इंच आंकी गई. जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान की लंबाई 5 फुट 8 इंच है. वीडियो में दिख रहे शख्स का साइड और बैक प्रोफाइल भी मुख्यमंत्री भगवंत मान से मेल नहीं खाता. शरीर की बनावट, कंधों और पोश्चर में भी बड़ा अंतर मिला. फॉरेंसिक रिपोर्ट में साफ हुआ कि वायरल वीडियो में दिख रहे व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत मान नहीं हैं.

वीडियो के 1191 एंगल का एनालिसिस हुआ
उन्होंने कहा कि आज हम 2 रिपोर्ट्स पेश कर रहे हैं. जिसमें उस वीडियो के 1191 एंगल लिए गए है, जिसका एनालिसिस हुआ. ये एनालिसिस भारत सरकार से मान्यता प्राप्त पंजाब से बाहर की 2 लैबों से हुआ. उन्होंने अकाली दल पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह किस तरह से फर्जी वीडियो बनाकर लोगों को भ्रमित करने का काम करती है.
चीमा ने सुखबीर सिंह बादल पर पंथ विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज उनका चेहरा लोगों के सामने आ गया है. सच कभी छिपाया नहीं जा सकता, वह सबके सामने आ गया है. उन्होंने कहा कि हम जल्द ही डीजीपी को मिलेंगे और इसके पीछे के आरोपी पर कार्रवाई की मांग करेंगे. 29 जून को अकाल तख्त द्वारा भगवंत मान को तलब किए जाने पर उन्होंने कहा कि इस मामले में बैठकर फैसला किया जाएगा.
अकाली दल पर सीएम मान को बदनाम करने का आरोप
हरपाल सिंह चीमा ने आरोप लगाया कि पंजाब के मुख्यमंत्री की फर्जी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है.उन्होंने अकाली दल पर सीएम मान को सियासी साजिश रचकर बदनाम करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अकाली दल और बीजेपी की सरकार के समय कई बार बेअदबी हुई.1986 में नकोदर में गुरु अर्जन देव जी के गुरुद्वारा में बेअदबी की गई थी. जब लोगों ने आवाज उठाने का काम किया तो 4 युवकों को गोली मार दी गई. जस्टिस गुरनाम सिंह कमीशन बना दी गई, लेकिन 1987 में बनी रिपोर्ट अभी तक लोगों के सामने नहीं आई है.
उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली दल, सिख संगत, पंजाब के लोगों के खिलाफ साजिश रच रहा है. 2017 में लोगों ने बेअदबी से परेशान होकर कांग्रेस को मौका दिया. उस दौरान कई कमीशन बने लेकिन किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. 2022 के बाद पंजाब में पहली बार बेअदबी को लेकर कानून बना और वो कानून हमारी सरकार ने बनाया.
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