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खिसियानी बिल्ली... राफेल पर एक बार फिर बेनकाब हुआ पाकिस्तान, IAF के दस्तावेज ने खोल दी पोल

भारत ने फ्रांस से खरीदे गए सभी 36 राफेल विमानों के मेंटेनेंस और सपोर्ट के लिए एक टेंडर जारी किया है.

खिसियानी बिल्ली... राफेल पर एक बार फिर बेनकाब हुआ पाकिस्तान, IAF के दस्तावेज ने खोल दी पोल
भारत के सभी 36 राफेल सुरक्षित हैं.
नई दिल्ली:

भारतीय सेना के 'ऑपरेशन सिंदूर' के समय पाकिस्तान ने झूठ का जो बुलबुला बनाया था, वह फूट गया है. NDTV को मिले भारतीय वायुसेना के एक दस्तावेज से पाकिस्तान का वह दावा झूठा साबित हो गया है, जिसमें उसने कहा था कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के जवाब में उसने राफेल जेट को मार गिराया था.

इस दस्तावेज से पता चलता है कि फ्रांस से खरीदे गए सभी राफेल सुरक्षित हैं और वायुसेना ने इनके मेंटेनेंस और सपोर्ट के लिए योजना बनाई है.

दस्तावेज के मतुाबिक, एयर हेडक्वार्टर में डायरेक्टोरेट ऑफ इंजीनियरिंग (राफेल) की ओर से 15 जून को 'रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल' यानी RFP जारी किया था, जिसमें इंजन बनाने वाली फ्रेंच कंपनी सैफ्रन एयरक्राफ्ट इंजनस से 18 सितंबर 2026 के बाद 'ब्रिज सपोर्ट' कॉन्ट्रैक्ट के लिए बोलियां मांगी गई हैं.

क्या है वायुसेना का प्लान?

वायुसेना के प्रपोजल में साफ तौर पर कहा गया है कि IAF के पास 36 राफेल विमान हैं और इसी संख्या के आधार पर मेंटेनेंस, सपोर्ट और फ्लाइंग-आवर का हिसाब-किताब किया जा रहा है.

वायुसेना पांच महीने के लिए 'ब्रिज सपोर्ट' व्यवस्था चाहती है और उसने वेंडर्स से 36 राफेल विमानों के बेड़े के लिए सपोर्ट का प्रस्ताव देने को कहा है. हर विमान सालभर में 150 घंटे उड़ान भरेगा.

इन आंकड़ों के आधार पर RFP में कुल 2,250 फ्लाइंग आवर की जरूरत का हिसाब लगाया गया है. ये हिसाब ऐसे लगाया है कि 36 राफेल X 12.5 फ्लाइंग आवर/महीना X 5 महीने = 2,250 घंटे.

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दस्तावेज में कहा गया है कि राफेल खरीदने के समय ओरिजिनल पैकेज में 5 साल तक फ्लीट के ऑपरेशन के लिए जरूरी मेंटेनेंस रिसोर्स, स्पेयर पार्ट्स और सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर भी शामिल थे. लेकिन ये कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने वाला है, इसलिए वायुसेना ने बिना किसी रूकावट के ऑपरेशन जारी रखने के लिए अंतरिम इंतजाम करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. 

वायुसेना ने RFP को फ्रेंच कंपनी सैफ्रन एयरक्राफ्ट इंजन्स को भेजा है. यह वही कंपनी है जो राफेल में लगने वाला M88 इंजन बनाती है.

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पाकिस्तान का दावा झूठा

पहलगाम अटैक के जवाब में पिछले साल 6-7 मई की रात को भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया था. इसके बाद 4 दिन तक भारत और पाकिस्तान में जबरदस्त सैन्य टकराव हुआ था. भारत ने पाकिस्तान की सेना को बहुत नुकसान पहुंचाया था. 

इसके बाद पाकिस्तान ने भी झूठा दावा किया कि उसने भारतीय सेना का एक राफेल मार गिराया है. भारतीय वायुसेना शुरू से ही पाकिस्तान के इस दावे को झूठा और मनगढ़ंत बताती आ रही है. लेकिन अब राफेल के मेंटेनेंस सपोर्ट के लिए निकाले गए टेंडर के दस्तावेज ने पाकिस्तान के उस दावे को सबूतों के साथ झूठा साबित कर दिया है.

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भारत 114 और राफेल खरीदने की तैयारी में

भारत ने फ्रांस के साथ 2016 में 36 राफेल की डील की थी. भारत को सभी राफेल मिल गए हैं. अब भारत फ्रांस से और 114 राफेल खरीदने की योजना बना रहा है. 

दरअसल, भारत 'मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट' (MRFA) प्रोग्राम के तहत 114 और फाइटर जेट खरीदने की योजना पर आगे बढ़ रहा है. इस दौड़ में डसॉल्ट एविएशन का राफेल सबसे आगे है.

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच हुई बातचीत में इस खरीद का जिक्र हुआ था, जिसमें दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग की समीक्षा की. 

मौजूदा प्रस्ताव के तहत, 18 एयरक्राफ्ट 'फ्लाई-अवे' स्थिति (यानी पूरी तरह तैयार हालत) में आयात किए जाएंगे, जबकि बाकी जेट सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत भारत में ही बनाए जाएंगे, जिसमें घरेलू स्तर पर बड़े पैमाने पर भागीदारी होगी.

(रिपोर्टः ऋषभ माधवेंद्र प्रताप)

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