- वाराणसी गंगा इफ्तार पार्टी में 14 मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी पर असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल खड़े किए.
- AIMIM चीफ ओवैसी ने इसे मुस्लिमों के खिलाफ अन्याय बताया और धार्मिक भेदभाव की बात कही.
- ओवैसी ने कहा कि इससे किसकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई, उनका जुर्म बस इतना है कि वो मुसलमान है.
वाराणसी गंगा इफ्तार पार्टी को लेकर 14 मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी बुरी तरह भड़के नजर आए. शुक्रवार को हैदराबाद में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "वाराणसी में 14 मुस्लिम युवकों ने नाव पर अपना रोजा खोला. उनके खिलाफ तुरंत मामला दर्ज किया गया. अगर कोई गंगा नदी में नाव पर खाना खा रहा है तो किसी की धार्मिक भावनाएं कैसे आहत हो रही हैं? किसकी धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं? क्या गंगा नदी में सीवरेज का ढेर आपको परेशान नहीं करता?
असदुद्दीन ओवैसी ने आगे कहा कि वे जेल में हैं. उनका एकमात्र अपराध यह है कि वे मुसलमान हैं. आपकी धार्मिक भावनाएं हैं. मेरा क्या? रमजान के महीने में शराब की दुकानें क्यों खुली थीं? उन्हें बंद होना चाहिए था. लेकिन वे खुली रहीं...क्या मेरी धार्मिक भावनाएं आहत नहीं होंगी?..."
#WATCH | Hyderabad, Telangana: AIMIM chief Asaduddin Owaisi says, "In Varanasi, 14 Muslim youth opened their roza on a boat. A case was immediately registered against them...How are someone's religious sentiments being hurt if someone had food on a boat in river Ganga? Whose… pic.twitter.com/lv9U3P418W
— ANI (@ANI) March 20, 2026
मालूम हो कि रमजान के बीच बीते दिनों वाराणसी के गंगा नदी पर नाव पर बैठ कर कुछ युवकों ने इफ्तार पार्टी की थी. इसमें कुछ मुस्लिम समुदाय के लोगों ने न सिर्फ बिरयानी खाई बल्कि मांस की हड्डियों को गंगा नदी में फेंक दिया. बाद में इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. जिसके बाद सभी की मुश्किलें बढ़ गई हैं. इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

गंगा में इफ्तार पार्टी का वीडियो हुआ था वायरल
इस समय रमजान का पाक महीना चल रहा है. इस बीच वाराणसी से आए एक वीडियो ने विवाद खड़ा कर दिया. यहां एक सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने गंगा नदी के बीचों-बीच इफ्तार पार्टी की दावत उड़ाते दिखे, वीडियो सामने आते ही बवाल मच गया. इफ्तार की दावत उड़ा रहे युवकों ने न सिर्फ बिरयानी खाई बल्कि उससे निकली हड्डियां नदी में फेंक दीं.
भाजपा नेता ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी
पुलिस के अनुसार इस मामले में भारतीय जनता युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल की तहरीर पर पुलिस ने इस प्रकरण में अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 298 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना), 299 (धार्मिक मान्यताओं का अपमान करना), 196(1) बी (विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता या घृणा फैलाना), 270 (सार्वजनिक उपद्रव करना) और 279 (लापरवाही से वाहन चलाना) और जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा 24 (नदी में प्रदूषणकारी तत्वों को फेंकना) के अंतर्गत मामला दर्ज करके 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
जायसवाल ने कहा कि मां गंगा की गोद में नाव पर इफ्तार पार्टी का आयोजन कर बिरयानी खाई गई जो अत्यंत आपत्तिजनक है. उन्होंने कहा, 'मां गंगा सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए अटूट आस्था का केंद्र हैं. देश-दुनिया से हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन गंगा जल के आचमन और पूजा-पाठ के लिए काशी आते हैं. ऐसे में गंगा के बीच नाव पर बिरयानी खाना और उसके अवशेषों को नदी में फेंकना अनुचित है. यह कृत्य हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के उद्देश्य से किया गया है.'
एसीपी ने बताया कि मामले में कार्रवाई के लिए एक टीम बनाई गई और इसके बाद इफ्तार पार्टी में कथित तौर पर शामिल 14 लोगों की पहचान करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्होंने बताया कि मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है. अब इस मामले में हुई कार्रवाई को लेकर असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल खड़े किए है.
यह भी पढ़ें - वाराणसी में गंगा के बीचों बीच उड़ाई इफ्तार की दावत, बिरयानी खाकर हड्डियां नदी में फेंकी, 14 अरेस्ट
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं