
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (फाइल फोटो)
मुंबई:
महाराष्ट्र विधानसभा के मॉनसून सत्र की शुरूआत अहमदनगर रेप कांड पर हंगामे के साथ हुई। इस मामले पर विपक्ष ने सीएम के इस्तीफे की मांग की तो दूसरी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि इस केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाएगी। गौरतलब है कि अहमदनगर के कर्जत तहसील में 9वीं में पढ़ने वाली स्कूली छात्रा का बलात्कार हुआ जिसके बाद उसकी हत्या भी कर दी गई। विपक्ष ने रविवार को इस मुद्दे पर कैबिनेट मंत्री राम शिंदे के साथ एक आरोपी की तस्वीरें सार्वजनिक की थी। वहीं खुद मुख्यमंत्री फडणवीस ने ऐलान किया कि विपक्षी दल गलत नाम के बूते उनके मंत्री को घेरने की कोशिश कर रहे हैं।
मामला 13 जुलाई का है जब 9वीं में पढ़ने वाली छात्रा अपने घर से थोड़ी दूर शाम को अपने दादाजी के घर मसाले लेने गई थी। जब बहुत देर बाद भी वह नहीं लौटी तब परिजनों ने उसे ढूंढना शुरू किया। घर से थोड़ी ही दूर पर एक पेड़ के नीचे उसकी बुरी तरह क्षत-विक्षत लाश मिली। एक आरोपी, पीड़ित लड़की के परिजनों को देखते ही भाग खड़ा हुआ। पुलिस ने तीनों आरोपियों जीतेन्द्र शिंदे, संतोष भवल और नितिन धालुमे को गिरफ्तार कर लिया है।
मंत्री के साथ आरोपी की तस्वीर
इस मामले को लेकर कर्जत तहसील में लोगों का गुस्सा उबाल पर है। इस मामले पर सियासत और जातिगत समीकरण दोनों का गणित गढ़ा जा रहा है। महाराष्ट्र विधान परिषद में नेता विपक्ष धनंजय मुंडे ने कहा कि 'संतोष भवल की तस्वीर मंत्री राम शिंदे के साथ है। ऐसी घटना में अगर मंत्री आरोपी की मदद करे तो मुझे लगता है पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिये। ना गृह मंत्री ना ही कोई और मंत्री पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा। ज़िले के गार्जियन मंत्री राम शिंदे भी वहां दो दिन बाद पहुंचे। हमें लगता है कि कहीं ना कहीं पुलिस ने जांच में देरी की और आरोपियों को बचाने की कोशिश की।'
सरकार की तरफ से खुद मुख्यमंत्री ने मोर्चा संभाला, उन्होंने साफ किया कि आरोपी का उनके मंत्री से कोई लेना देना नहीं है। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा 'किसी मंत्री का चरित्र हनन करने से पहले जांच करनी चाहिये कि मामला सही है या नहीं। यहां जो तस्वीरें हैं मंत्री के साथ जो हैं उनका नाम है संतोष नाना भवल और आरोपी का नाम है संतोष भवल। ये दोनों अलग व्यक्ति हैं विपक्ष को मंत्री से माफी मांगनी चाहिये।'
मामला 13 जुलाई का है जब 9वीं में पढ़ने वाली छात्रा अपने घर से थोड़ी दूर शाम को अपने दादाजी के घर मसाले लेने गई थी। जब बहुत देर बाद भी वह नहीं लौटी तब परिजनों ने उसे ढूंढना शुरू किया। घर से थोड़ी ही दूर पर एक पेड़ के नीचे उसकी बुरी तरह क्षत-विक्षत लाश मिली। एक आरोपी, पीड़ित लड़की के परिजनों को देखते ही भाग खड़ा हुआ। पुलिस ने तीनों आरोपियों जीतेन्द्र शिंदे, संतोष भवल और नितिन धालुमे को गिरफ्तार कर लिया है।
मंत्री के साथ आरोपी की तस्वीर
इस मामले को लेकर कर्जत तहसील में लोगों का गुस्सा उबाल पर है। इस मामले पर सियासत और जातिगत समीकरण दोनों का गणित गढ़ा जा रहा है। महाराष्ट्र विधान परिषद में नेता विपक्ष धनंजय मुंडे ने कहा कि 'संतोष भवल की तस्वीर मंत्री राम शिंदे के साथ है। ऐसी घटना में अगर मंत्री आरोपी की मदद करे तो मुझे लगता है पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिये। ना गृह मंत्री ना ही कोई और मंत्री पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा। ज़िले के गार्जियन मंत्री राम शिंदे भी वहां दो दिन बाद पहुंचे। हमें लगता है कि कहीं ना कहीं पुलिस ने जांच में देरी की और आरोपियों को बचाने की कोशिश की।'
सरकार की तरफ से खुद मुख्यमंत्री ने मोर्चा संभाला, उन्होंने साफ किया कि आरोपी का उनके मंत्री से कोई लेना देना नहीं है। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा 'किसी मंत्री का चरित्र हनन करने से पहले जांच करनी चाहिये कि मामला सही है या नहीं। यहां जो तस्वीरें हैं मंत्री के साथ जो हैं उनका नाम है संतोष नाना भवल और आरोपी का नाम है संतोष भवल। ये दोनों अलग व्यक्ति हैं विपक्ष को मंत्री से माफी मांगनी चाहिये।'
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