
राज्यसभा में सुब्रह्मण्यम स्वामी
नई दिल्ली:
बीजेपी सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने अगस्तावेस्टलैंड के मामले पर राज्यसभा में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में विपक्ष के सांसदों ने उन्हें जो चिट्ठी पढ़ने नहीं दी उसे आज खुद पढ़ रहे थे। क्या नियम अलग हैं। स्वामी के बयान पर कांग्रेस के सांसद बिफर पड़े। कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा ने उनके बयान पर आपत्ति जताई।
बीजेपी सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि 2013 में सीएजी रिपोर्ट संसद में रखी गई थी। उसमें तमाम तथ्य थे। यह सत्य है कि एनडीए ने 8 नए हेलीकॉप्टर खरीदने की प्रक्रिया की शुरुआत की थी ताकि वीवीआईपी कई उन जगहों पर जा सकें जहां जा पाना आसानी से संभव नहीं था। यह किन्हीं सुरक्षा कारणों से जरूरी था।
मौजूदा सरकार ने शुरू की ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया
स्वामी ने कहा कि एक सवाल के जवाब में 11-12-13 को कहा गया था कि हेलीकॉप्टर की उड़ान की ऊंचाई को कम किया गया, जो एनडीए द्वारा तय ऊंचाई से कम थी। स्वामी ने कहा कि इटली में जिन लोगों ने सौदे के लिए घूस दी वे जेल में हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया इस सरकार में चालू हुई है। यह काम यूपीए ने नहीं किया।
स्वामी ने कहा कि यूपीए जब 2004 में सत्ता में आई तब उन्हें यह देखना था कि सिर्फ एक वेंडर न रह जाए और एसपीजी की राय ली जाए। लेकिन हेलीकॉप्टर के केबिन की हाईट बढ़ाने पर जोर दिया गया। इससे सिर्फ अगस्तावेस्टलैंड को फायदा हुआ और यही एक अकेली कंपनी रेस में आ गई।
फील्ड ट्रायल में हुई गड़बड़ी
फील्ड ट्रायल के मामले में गड़बड़ी की गई। उन्होंने कहा कि एडब्ल्यू-101 खरीदा जाना था और इसका ट्रायल होना था, लेकिन दूसरे का ट्रायल किया गया। यहां पर फ्रॉड किया गया। यह भी ट्रायल इटली में किया गया जो पहले भारत में ही होना था।
केवल एक आदमी नहीं कर सकता घोटाला
स्वामी ने कहा कि जब यह साफ हो गया कि अगस्तावेस्टलैंड से ही सौदा होगा तब 8 हेलीकॉप्टर की जगह 12 हेलीकॉप्टर की डील की गई। सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस डील के लिए छह गुना ज्यादा रकम चुकाई गई। उन्होंने पूछा कि आखिर वह कौन सी ताकत थी जिसने एंटनी को यह करने पर मजबूर किया। स्वामी ने कहा कि इस मामले में भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने कहा कि केवल एक आदमी ऐसा नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह को यह बताना चाहिए कि क्या हुआ था। क्यों इटली कोर्ट को यह कहना पड़ा कि भारत सरकार ने समय पर उचित कागजात उपलब्ध नहीं कराए। स्वामी ने कहा कि कोर्ट में पाइ चार्ट के जरिए यह बताया गया है कि किसने कितनी घूस खाई है।
स्वामी के बयान पर आनंद शर्मा ने जताई आपत्ति
कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा ने स्वामी के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार को इस पूरे मसले पर सरकार को सारे कागजातों को अथंटीकेट कर रखना चाहिए। इस पर केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने तमाम अखबारों को कोट किया और बात रखी।
सभापति ने दोनों ही नेताओं को अपनी बातों को साबित करने और तथ्यों को सदन में देने का आदेश दिया।
बीजेपी सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि 2013 में सीएजी रिपोर्ट संसद में रखी गई थी। उसमें तमाम तथ्य थे। यह सत्य है कि एनडीए ने 8 नए हेलीकॉप्टर खरीदने की प्रक्रिया की शुरुआत की थी ताकि वीवीआईपी कई उन जगहों पर जा सकें जहां जा पाना आसानी से संभव नहीं था। यह किन्हीं सुरक्षा कारणों से जरूरी था।
मौजूदा सरकार ने शुरू की ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया
स्वामी ने कहा कि एक सवाल के जवाब में 11-12-13 को कहा गया था कि हेलीकॉप्टर की उड़ान की ऊंचाई को कम किया गया, जो एनडीए द्वारा तय ऊंचाई से कम थी। स्वामी ने कहा कि इटली में जिन लोगों ने सौदे के लिए घूस दी वे जेल में हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया इस सरकार में चालू हुई है। यह काम यूपीए ने नहीं किया।
स्वामी ने कहा कि यूपीए जब 2004 में सत्ता में आई तब उन्हें यह देखना था कि सिर्फ एक वेंडर न रह जाए और एसपीजी की राय ली जाए। लेकिन हेलीकॉप्टर के केबिन की हाईट बढ़ाने पर जोर दिया गया। इससे सिर्फ अगस्तावेस्टलैंड को फायदा हुआ और यही एक अकेली कंपनी रेस में आ गई।
फील्ड ट्रायल में हुई गड़बड़ी
फील्ड ट्रायल के मामले में गड़बड़ी की गई। उन्होंने कहा कि एडब्ल्यू-101 खरीदा जाना था और इसका ट्रायल होना था, लेकिन दूसरे का ट्रायल किया गया। यहां पर फ्रॉड किया गया। यह भी ट्रायल इटली में किया गया जो पहले भारत में ही होना था।
केवल एक आदमी नहीं कर सकता घोटाला
स्वामी ने कहा कि जब यह साफ हो गया कि अगस्तावेस्टलैंड से ही सौदा होगा तब 8 हेलीकॉप्टर की जगह 12 हेलीकॉप्टर की डील की गई। सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस डील के लिए छह गुना ज्यादा रकम चुकाई गई। उन्होंने पूछा कि आखिर वह कौन सी ताकत थी जिसने एंटनी को यह करने पर मजबूर किया। स्वामी ने कहा कि इस मामले में भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने कहा कि केवल एक आदमी ऐसा नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह को यह बताना चाहिए कि क्या हुआ था। क्यों इटली कोर्ट को यह कहना पड़ा कि भारत सरकार ने समय पर उचित कागजात उपलब्ध नहीं कराए। स्वामी ने कहा कि कोर्ट में पाइ चार्ट के जरिए यह बताया गया है कि किसने कितनी घूस खाई है।
स्वामी के बयान पर आनंद शर्मा ने जताई आपत्ति
कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा ने स्वामी के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार को इस पूरे मसले पर सरकार को सारे कागजातों को अथंटीकेट कर रखना चाहिए। इस पर केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने तमाम अखबारों को कोट किया और बात रखी।
सभापति ने दोनों ही नेताओं को अपनी बातों को साबित करने और तथ्यों को सदन में देने का आदेश दिया।
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