गुरुवार शाम को भुवनेश्वर के कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी) में एक नेपाली स्नातक छात्रा अपने छात्रावास के कमरे में मृत पाई गई, तीन महीने से भी कम समय में ऐसा दूसरा मामला है. अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि प्रिशा शाह नाम की एक नेपाली छात्रा भुवनेश्वर के कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी) विश्वविद्यालय के छात्रावास के कमरे में रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाई गई. तीन महीने के भीतर परिसर में नेपाली छात्रा से जुड़ी यह दूसरी ऐसी घटना है.
इन्फोसिटी पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस आयुक्त एस देवदत्त ने पुष्टि की कि अधिकारी छात्रा की मौत के आसपास की परिस्थितियों की जांच की जा रही है. पुलिस आयुक्त ने कहा, "हमने भारत में नेपाल के दूतावास को घटना के बारे में सूचित कर दिया है और शव को एम्स भुवनेश्वर भेज दिया है."
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उन्होंने कहा, "मृतक के माता-पिता के कल भुवनेश्वर पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद पोस्टमार्टम किया जाएगा." घटना के बाद कमिश्नरेट पुलिस ने केआईआईटी परिसर के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी है.
यह ताजा त्रासदी 16 फरवरी को 20 वर्षीय नेपाली छात्रा प्रकृति लमसाल की मौत के बाद हुई है, जिसकी मौत के बाद विरोध प्रदर्शन हुए और संस्थागत विफलता के आरोप लगे. लमसाल ने पहले विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय संबंध कार्यालय (आईआरओ) में यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कथित तौर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बाद में इस निष्क्रियता को "घोर लापरवाही" बताई.
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