देश में आपूर्ति बाधित होने की स्थिति के बीच एक सकारात्मक पहल सामने आई है. लगभग 6,000 पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) उपभोक्ताओं ने स्वेच्छा से अपने LPG कनेक्शन छोड़ दिए हैं, ताकि उन लोगों को गैस उपलब्ध हो सके, जिनके पास PNG की सुविधा नहीं है. यह जानकारी पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी रविवार को दी.
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस सचिव नीरज मित्तल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि हजारों उपभोक्ताओं ने दूसरों की मदद के लिए यह कदम उठाया है. उन्होंने दूसरे PNG उपभोक्ताओं से भी अपील की कि वे इस अभियान से जुड़ें और जिनके पास PNG सुविधा हैं, वे LPG कनेक्शन छोड़कर जरूरतमंदों की मदद करें. मंत्रालय ने इसके लिए एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म "http://MyPNGD.in,” भी उपलब्ध कराया है, जहां उपभोक्ता आसानी से अपना LPG कनेक्शन सरेंडर कर सकते हैं.
LPG आपूर्ति को बताया सामान्य
सरकार के अनुसार मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद घरेलू LPG आपूर्ति सामान्य बनी हुई है. मित्तल ने कहा कि शनिवार तक 54 लाख से अधिक LPG सिलेंडरों की डिलीवरी की जा चुकी है. देशभर में किसी भी गैस एजेंसी पर सिलेंडर की कमी (ड्राई आउट) की सूचना नहीं है. ऑनलाइन बुकिंग का स्तर भी बढ़कर 91 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो आपूर्ति व्यवस्था के सुचारू संचालन का संकेत है.
पारदर्शिता के लिए DAC सिस्टम का विस्तार
LPG वितरण में पारदर्शिता लाने और कालाबाजारी रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) आधारित डिलीवरी को बढ़ावा दिया जा रहा है. फरवरी 2026 में जहां यह आंकड़ा 53 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 84 प्रतिशत हो गया है. इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि गैस सिलेंडर सही उपभोक्ता तक ही पहुंचाया जा रहा है.
उत्पादन और ईंधन भंडार पर्याप्त
इसके साथ ही मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश की सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. पेट्रोल और डीजल की भी देश में पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है. घरेलू मांग को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों में LPG उत्पादन बढ़ाया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति न बने.
उद्योगों को सीमित, घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता
सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए PNG और CNG परिवहन को 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की है. वहीं, औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को उनकी औसत खपत के लगभग 80 प्रतिशत तक गैस आपूर्ति दी जा रही है, ताकि घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता मिल सके.
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गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए देशभर में सख्त कार्रवाई की जा रही है. अब तक तकरीबन 2,900 स्थानों पर छापेमारी की गई हैं, जिनमें 1,700 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं. इसके अलावा, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विक्रेता कंपनियों (OMCs) ने 390 से अधिक गैस एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं.
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