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This Article is From Oct 12, 2020

कोविड-19 के कारण स्कूल बंद होने से भारत को हो सकता है 40 अरब US डॉलर का नुकसान : विश्व बैंक

विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि महामारी के चलते 55 लाख बच्चे पढ़ाई छोड़ सकते हैं. इससे पढ़ाई का अच्छा-खासा नुकसान होगा, जिसके चलते एक पीढ़ी के छात्रों की दक्षता पर आजीवन प्रभाव पड़ेगा.

कोविड-19 के कारण स्कूल बंद होने से भारत को हो सकता है 40 अरब US डॉलर का नुकसान : विश्व बैंक
देश में मार्च में जारी लॉकडाउन के तहत स्‍कूलों को बंद कर दिया गया था (प्रतीकात्‍मक फोटो)
  • वर्ल्‍ड बैंक की रिपोर्ट में जताया गया अंदेशा
  • पढ़ाई को होने वाला नुकसान इससे है अलग
  • दक्षिण एशियाई क्षेत्र में 62 अरब 20 करोड़ डॉलर के नुकसान की आशंका
नई दिल्ली:

विश्व बैंक (World Bank)की एक रिपोर्ट के अनुसार कोविड-19 (Covid-19) के चलते लंबे समय तक स्कूल बंद रहने से भारत को 40 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का नुकसान हो सकता है. इसके अलावा पढ़ाई को होने वाला नुकसान अलग है.रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा हालात में दक्षिण एशियाई क्षेत्र में स्कूलों के बंद रहने से 62 अरब 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर का नुकसान हो सकता है तथा अगर हालात और अधिक निराशानजक रहे तो यह नुकसान 88 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस क्षेत्र में अधिक नुकसान भारत को ही उठाना पड़ सकता है. सभी देशों को अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का अच्छा खासा हिस्सा खोना पड़ेगा.

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''''पराजित या खंडित? दक्षिण एशिया में अनौपचारिकता एवं कोविड-19'''' नामक इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दक्षिण एशिया क्षेत्र अर्थव्यवस्थाओं पर कोविड-19 के विनाशकारी प्रभाव के चलते 2020 में सबसे बुरे आर्थिक शिथिलता के दौर में फंसने वाला है.रिपोर्ट कहती है, ''''दक्षिण एशियाई देशों में अस्थायी रूप से स्कूल बंद होने से छात्रों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है. इन देशों में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के 39 करोड़ 10 लाख छात्र स्कूलों से दूर हैं जिससे शिक्षा के संकट से निपटने के प्रयास और अधिक मुश्किल हो जाएंगे. ''''रिपोर्ट के अनुसार, ''''कई देशों ने स्कूल बंद होने के प्रभाव को कम करने के लिये काफी कदम उठाए हैं, लेकिन बच्चों को डिजिटल माध्यमों से पढ़ाई कराना काफी मुश्किल काम है. ''''

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विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि महामारी के चलते 55 लाख बच्चे पढ़ाई छोड़ सकते हैं. इससे पढ़ाई का अच्छा-खासा नुकसान होगा, जिसके चलते एक पीढ़ी के छात्रों की दक्षता पर आजीवन प्रभाव पड़ेगा.रिपोर्ट में कहा गया है, ''''अधिकतर देशों में स्कूल मार्च में बंद कर दिये गए थे और कुछेक देशों में ही स्कूल खोले जा रहे हैं या फिर खोले जा चुके हैं. बच्चे लगभग पांच महीने से स्कूलों से दूर हैं. लंबे समय तक स्कूलों से दूर रहने का मतलब है कि वे न केवल पढ़ना छोड़ देंगे, बल्कि वे उसे भी भूल जाएंगे जो उन्होंने पढ़ा है.''''रिपोर्ट के अनुसार, ''''फिलहाल स्कूलों के बारे में हमें मिली जानकारी और महामारी के चलते पढ़ाई का स्तर गिरने से हुए नुकसान के आधार पर ये अनुमान लगाए गए हैं. दक्षिण एशिया में सभी बच्चों की संख्या का गुणा-भाग करके यह मालूम होता है कि स्कूल बंद होने से मौजूदा हालात में इस क्षेत्र में 62 अरब 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर का नुकसान हो सकता है. हालात और अधिक निराशाजनक रहे तो यह नुकसान 88 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है.''''

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रिपोर्ट में कहा गया है, ''''इस क्षेत्र में अधिकतर नुकसान भारत को ही उठाना पड़ेगा. सभी देशों को अपने जीडीपी का अच्छा-खासा हिस्सा खोना पड़ेगा. इसे इस तरह समझा जाए कि दक्षिण एशियाई देशों की सरकारें प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा पर प्रतिवर्ष केवल 40 अरब अमेरिकी डॉलर खर्च करती हैं. स्कूलों के बंद होने से जो आर्थिक नुकसान होगा, वह उससे भी अधिक होगा जितना ये देश फिलहाल शिक्षा पर खर्च कर रहे हैं.''''दुनियाभर में 3.7 करोड़ से भी अधिक लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जा चुके हैं. इनमें से 10.5 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.भारत में सोमवार तक कोरोना वायरस संक्रमण के 71.2 लाख मामले सामने आ चुके हैं. इनमें से 1.09 लाख लोगों की जान जा चुकी है.गौरतलब है कि 16 मार्च को देशभर में स्कूल और कॉलेज बंद करने का आदेश दिया गया था. 25 मार्च को केन्द्र सरकार ने राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी. हालांकि आठ जून के बाद से ''अनलॉक'' के तहत कई पाबंदियों में चरणबद्ध तरीके से ढील दी जा चुकी है, लेकिन शिक्षण संस्थान अभी भी बंद हैं.हालांकि ताजा ''अनलॉक'' दिशा-निर्देशों के अनुसार कोविड-19 निरुद्ध क्षेत्रों से बाहर स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थान 15 अक्टूबर से फिर से खोले जा सकते हैं. संस्थानों को फिर से खोलने पर अंतिम फैसला राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश पर छोड़ दिया गया है.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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