श्रीनगर:
कश्मीर घाटी के गंदेरबाल और बांदीपोरा जिलों में हुईं हिमस्खलन की दो घटनाओं में सेना के 19 जवानों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य के भी मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। सेना के अधिकारियों ने बताया कि बांदीपोरा में नियंत्रण रेखा के पास गुरेज के डावर इलाके में हुए हिमस्खलन से 109 वीं पैदल टुकड़ी की कार्यशाला प्रभावित हुई। यहां मलबे से कम से कम 13 जवानों को बचाया गया। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जाती है।
हिमस्खलन बीती रात नौ बजकर 15 मिनट पर हुआ, लेकिन हादसे की खबर आज सुबह फैली, क्योंकि जाड़े के दौरान भारी हिमपात होने की वजह से गुरेज घाटी का शेष देश से संपर्क कटा हुआ है। सात जवान अब तक लापता हैं। आशंका है कि ये जवान मलबे के अंदर दबे हुए हैं। उनके बचने की उम्मीद बहुत ही कम है।
सेना के प्रवक्ता कर्नल गरेवाल ने बताया कि हिमस्खलन के मलबे में 29 जवान दब गए। 19 के शव मिले हैं और 13 जवानों को जीवित निकाला गया है। कुछ जवान अब तक लापता हैं। रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल जेएस बरार ने बताया कि इस जगह पहली बार हिमस्खलन हुआ है और पहले कभी यहां हिमस्खलन का रिकॉर्ड नहीं रहा है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हिमस्खलन में जान गंवाने वाले सैनिकों के परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना जाहिर की है। उमर ने माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर लिखा है, ‘‘कश्मीर में आज हिमस्खलन में जान गंवाने वाले सैनिकों के परिजनों के प्रति हार्दिक संवेदना जताता हूं।’’ मुख्यमंत्री ने कहा है कि वह श्रद्धांजलि के एक निजी संदेश के साथ एक मंत्री को सेना की, श्रीनगर स्थित 15वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल एसए हसनैन के पास भेज रहे हैं।
हिमस्खलन बीती रात नौ बजकर 15 मिनट पर हुआ, लेकिन हादसे की खबर आज सुबह फैली, क्योंकि जाड़े के दौरान भारी हिमपात होने की वजह से गुरेज घाटी का शेष देश से संपर्क कटा हुआ है। सात जवान अब तक लापता हैं। आशंका है कि ये जवान मलबे के अंदर दबे हुए हैं। उनके बचने की उम्मीद बहुत ही कम है।
सेना के प्रवक्ता कर्नल गरेवाल ने बताया कि हिमस्खलन के मलबे में 29 जवान दब गए। 19 के शव मिले हैं और 13 जवानों को जीवित निकाला गया है। कुछ जवान अब तक लापता हैं। रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल जेएस बरार ने बताया कि इस जगह पहली बार हिमस्खलन हुआ है और पहले कभी यहां हिमस्खलन का रिकॉर्ड नहीं रहा है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हिमस्खलन में जान गंवाने वाले सैनिकों के परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना जाहिर की है। उमर ने माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर लिखा है, ‘‘कश्मीर में आज हिमस्खलन में जान गंवाने वाले सैनिकों के परिजनों के प्रति हार्दिक संवेदना जताता हूं।’’ मुख्यमंत्री ने कहा है कि वह श्रद्धांजलि के एक निजी संदेश के साथ एक मंत्री को सेना की, श्रीनगर स्थित 15वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल एसए हसनैन के पास भेज रहे हैं।
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Armymen Killed, Avalanche In J&K, हिमस्खलन, जम्मू-कश्मीर में चट्टानें खिसकीं