
जमीन अदला-बदली के बाद भारतीय नागरिक बन जाएगा जिहाद हुसैन
मसालडांगा, बंगाल:
उसका नाम है जिहाद हुसैन ओबामा और उसकी कहानी किसी आश्चर्य से कम नहीं है। पांच वर्षीय इस 'बेबी जिहाद' की निडरता उसकी छवि में देखी जा सकती है। वह उन हजारों लोगों के उस संघर्ष को व्यक्त करता है, जो भारत के निवासी के रूप में जीवनयापन करने के लिए संघर्षरत हैं।
जिहाद अपने माता-पिता के साथ पं. बंगाल के बांग्लादेश के अधिकार क्षेत्र वाले इलाके में रहता है। साल 2010 की जिस रात को वह पैदा हुआ था, उस रात उसकी मां की हालत गंभीर थी और उसे अस्पताल ले जाना पड़ा था। उसके पड़ोसी आलमगीर ने बताया कि डॉक्टर ने बांग्लादेशी होने के कारण उसे देखने और उपचार करने से मना कर दिया था। ऐसे में स्थानीय सहायता समूहों से उन्हें मदद मिली।
बच्चे के पिता ने कहा, 'हमने उनसे पूछा कि इसको कुछ हो गया, तो कौन जिम्मेदार होगा।' इससे वे कुछ डरे हुए लगे। इससे पहले ही भारत और बांग्लादेश इन नागरिकों की नागरिकता के मुद्दे के समाधान के लिए उनकी गिनती शुरू करने हेतु औपचारिक बातचीत प्रारंभ कर चुके थे।
पिता ने कहा, 'अस्पताल पहुंचने के तीन घंटे के भीतर जिहाद का जन्म हो गया। उन्होंने फिर से हमें वहां से चले जाने के लिए कहा, लेकिन हमने उनसे कहा कि मां के ठीक होने का इंतजार करो।' तीन दिन के बाद जिहाद और उसकी मां कुछ ठीक हुए, तो परिवार वापस घर आ गया।
बच्चे के जन्म की परिस्थितियों को देखते हुए उसका नाम 'जिहाद' रखा गया। उसके नाम के आगे 'ओबामा', अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के सम्मान में लगाया गया, जो उस वर्ष भारत की यात्रा कर रहे थे।
यह घटना अब इतिहास बन जाएगी क्योंकि अब जिहाद और भावी बच्चे बांग्लादेशी नागरिक नहीं बल्कि गर्व से भारतीय कहलाएंगे। भारत-बांग्लादेश भूमि सीमा समझौते के तहत 55 बांग्लादेशी क्षेत्रों के 14000 नागरिक और उनके आवास भारत का हिस्सा बन जाएंगे।
जिहाद अपने माता-पिता के साथ पं. बंगाल के बांग्लादेश के अधिकार क्षेत्र वाले इलाके में रहता है। साल 2010 की जिस रात को वह पैदा हुआ था, उस रात उसकी मां की हालत गंभीर थी और उसे अस्पताल ले जाना पड़ा था। उसके पड़ोसी आलमगीर ने बताया कि डॉक्टर ने बांग्लादेशी होने के कारण उसे देखने और उपचार करने से मना कर दिया था। ऐसे में स्थानीय सहायता समूहों से उन्हें मदद मिली।
बच्चे के पिता ने कहा, 'हमने उनसे पूछा कि इसको कुछ हो गया, तो कौन जिम्मेदार होगा।' इससे वे कुछ डरे हुए लगे। इससे पहले ही भारत और बांग्लादेश इन नागरिकों की नागरिकता के मुद्दे के समाधान के लिए उनकी गिनती शुरू करने हेतु औपचारिक बातचीत प्रारंभ कर चुके थे।
पिता ने कहा, 'अस्पताल पहुंचने के तीन घंटे के भीतर जिहाद का जन्म हो गया। उन्होंने फिर से हमें वहां से चले जाने के लिए कहा, लेकिन हमने उनसे कहा कि मां के ठीक होने का इंतजार करो।' तीन दिन के बाद जिहाद और उसकी मां कुछ ठीक हुए, तो परिवार वापस घर आ गया।
बच्चे के जन्म की परिस्थितियों को देखते हुए उसका नाम 'जिहाद' रखा गया। उसके नाम के आगे 'ओबामा', अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के सम्मान में लगाया गया, जो उस वर्ष भारत की यात्रा कर रहे थे।
यह घटना अब इतिहास बन जाएगी क्योंकि अब जिहाद और भावी बच्चे बांग्लादेशी नागरिक नहीं बल्कि गर्व से भारतीय कहलाएंगे। भारत-बांग्लादेश भूमि सीमा समझौते के तहत 55 बांग्लादेशी क्षेत्रों के 14000 नागरिक और उनके आवास भारत का हिस्सा बन जाएंगे।
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