
वैष्णो देवी की फाइल फोटो
नई दिल्ली:
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने वैष्णो देवी में पुनर्वास योजना को अंतिम रूप नहीं देने को लेकर जम्मू कश्मीर सरकार को फटकार लगाई है. साथ ही राज्य सरकार पर 50 लाख रुपये की लागत भी लगा दी है. इसके साथ ही घोडों और खच्चरों के कटरा से वैष्णो देवी मंदिर जाने पर रोक लाग दी गई है. न्यायमूर्ति जवाद रहीम की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस योजना को कैबिनेट की मंजूरी के लिए उसके सामने रखने के लिए उसे वक्त देने से साफ तौर पर मना कर दिया है.
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पीठ ने कहा कि इस बात का कोई स्पष्टीकरण नहीं है कि 20 फरवरी से कैबिनेट के सामने पुनर्वास योजना को क्यों नहीं रखा गया. खासकर जब एनजीटी ने पहली बार राज्य से योजना को अंतिम रूप देने को कहा था. पीठ ने कहा कि प्रभावित लोगों के पुनर्वास से संबंधित गंभीर मामले पर राज्य की ओर से कैबिनेट के सामने योजना को मंजूरी के लिए रखने के लिए चार हफ्ते का वक्त मांगना वाजिब नहीं है. प्रभावित लोगों का जीवन पुनर्वास पर निर्भर करता है जो सरकार को करना है. (इनपुट भाषा से)
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पीठ ने कहा कि इस बात का कोई स्पष्टीकरण नहीं है कि 20 फरवरी से कैबिनेट के सामने पुनर्वास योजना को क्यों नहीं रखा गया. खासकर जब एनजीटी ने पहली बार राज्य से योजना को अंतिम रूप देने को कहा था. पीठ ने कहा कि प्रभावित लोगों के पुनर्वास से संबंधित गंभीर मामले पर राज्य की ओर से कैबिनेट के सामने योजना को मंजूरी के लिए रखने के लिए चार हफ्ते का वक्त मांगना वाजिब नहीं है. प्रभावित लोगों का जीवन पुनर्वास पर निर्भर करता है जो सरकार को करना है. (इनपुट भाषा से)
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