
आजम खान (फाइल फोटो)
अपने 'चुभते' बयानों के कारण विवादों में रहना उत्तरप्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खान का पसंदीदा शगल हैं। रेप की एक पीडि़ता को अजीबोगरीब सलाह देकर वे महिला संगठनों और लोगों के निशाने पर आ गए हैं। यह पहला मौका नहीं है कि आजम ने ऐसा बयान दिया है। इससे पहले भी वे अपने इन बयानों के कारण सुर्खियां बटोर चुके हैं...
पेरिस हमला एक्शन का रिएक्शन
हाल ही में पेरिस हमले को लेकर अपनी टिप्पणी से आजम विवादों का केंद्र बिंदु बन गए थे। उन्होंने कहा था कि पेरिस हमला एक्शन का रिएक्शन है। अमेरिका को समझना होगा कि जब उसके बम गिरते हैं तो गरीबों की बस्ती उजड़ती है। इसके अलावा आजम खान ने पेरिस को नाच-गाने और शराब का शहर बताया है। यहां तक कि उनकी अपनी पार्टी सपा ने भी इस बयान से दूरी बना ली है।
मोदी को दे चुके हैं संन्यास की सलाह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मोदी खासे मुखर हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के कथित बयान की आड़ लेते हुए उन्होंने पीएम को राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दे डाली थी। आजम ने कहा था कि शाह 60 साल से ज्यादा उम्र के नेताओं को राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दे रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी तो अब 65 साल के हो चुके हैं, लिहाजा उन्हें भी सियासत छोड़ देनी चाहिए। वे यही नहीं रुके थे और कहा था कि आतंकवाद के खात्मे के लिए सूफी मत की वकालत कर रहे प्रधानमंत्री को विदेश दौरे से लौटकर हिन्दुस्तानी सरजमीं पर साधु-संत के रूप में कदम रखना चाहिए और लोगों को शांति का पाठ पढ़ाना चाहिए।
करगिल वार को दिया था 'सांप्रदायिक टच'
देश के सम्मान के लिए लड़े गए करगिल वार को लेकर भी आजम विवादित बयान दे चुके हैं। सपा के इस नेता ने कहा था कि करगिल युद्ध में भारत को जीत हिंदू नहीं, मुस्लिम सैनिकों ने दिलाई थी।
ताज को वक्फ बोर्ड को सौंपने के हिमायती
दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताज महल को लेकर भी आजम अजीबोगरीब बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि ताज और उससे होने वाली पूरी आय उत्तरप्रदेश के वक्फ बोर्ड को सौंपी जानी चाहिए। उन्होंने कहा था कि ताजमहल एक मकबरा है और प्रत्येक मकबरा 'वक्फ' है और वह सुन्नी केन्द्रीय वक्फ बोर्ड के तहत आता है।
बीफ को लेकर भी बोले
बीफ मुद्दे पर भी आजम के गोभक्तों को लगभग चुनौती दे डाली थी। उन्होंने कहा था कि हर गोभक्त आज के बाद किसी भी होटल के मेन्यू में बीफ की कीमत न लिखने दें। अगर ऐसा हो, तो ऐसे सभी पांच सितारा होटलों की उसी तरह ईंट से ईंट बजा दें, जिस तरह बाबरी मस्जिद की बजाई थी।
पेरिस हमला एक्शन का रिएक्शन
हाल ही में पेरिस हमले को लेकर अपनी टिप्पणी से आजम विवादों का केंद्र बिंदु बन गए थे। उन्होंने कहा था कि पेरिस हमला एक्शन का रिएक्शन है। अमेरिका को समझना होगा कि जब उसके बम गिरते हैं तो गरीबों की बस्ती उजड़ती है। इसके अलावा आजम खान ने पेरिस को नाच-गाने और शराब का शहर बताया है। यहां तक कि उनकी अपनी पार्टी सपा ने भी इस बयान से दूरी बना ली है।
मोदी को दे चुके हैं संन्यास की सलाह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मोदी खासे मुखर हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के कथित बयान की आड़ लेते हुए उन्होंने पीएम को राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दे डाली थी। आजम ने कहा था कि शाह 60 साल से ज्यादा उम्र के नेताओं को राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दे रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी तो अब 65 साल के हो चुके हैं, लिहाजा उन्हें भी सियासत छोड़ देनी चाहिए। वे यही नहीं रुके थे और कहा था कि आतंकवाद के खात्मे के लिए सूफी मत की वकालत कर रहे प्रधानमंत्री को विदेश दौरे से लौटकर हिन्दुस्तानी सरजमीं पर साधु-संत के रूप में कदम रखना चाहिए और लोगों को शांति का पाठ पढ़ाना चाहिए।
करगिल वार को दिया था 'सांप्रदायिक टच'
देश के सम्मान के लिए लड़े गए करगिल वार को लेकर भी आजम विवादित बयान दे चुके हैं। सपा के इस नेता ने कहा था कि करगिल युद्ध में भारत को जीत हिंदू नहीं, मुस्लिम सैनिकों ने दिलाई थी।
ताज को वक्फ बोर्ड को सौंपने के हिमायती
दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताज महल को लेकर भी आजम अजीबोगरीब बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि ताज और उससे होने वाली पूरी आय उत्तरप्रदेश के वक्फ बोर्ड को सौंपी जानी चाहिए। उन्होंने कहा था कि ताजमहल एक मकबरा है और प्रत्येक मकबरा 'वक्फ' है और वह सुन्नी केन्द्रीय वक्फ बोर्ड के तहत आता है।
बीफ को लेकर भी बोले
बीफ मुद्दे पर भी आजम के गोभक्तों को लगभग चुनौती दे डाली थी। उन्होंने कहा था कि हर गोभक्त आज के बाद किसी भी होटल के मेन्यू में बीफ की कीमत न लिखने दें। अगर ऐसा हो, तो ऐसे सभी पांच सितारा होटलों की उसी तरह ईंट से ईंट बजा दें, जिस तरह बाबरी मस्जिद की बजाई थी।
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