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This Article is From Oct 11, 2012

उत्तर प्रदेश सरकार ने खुर्शीद के न्यास की रिपोर्ट की जांच शुरू की

उत्तर प्रदेश सरकार ने खुर्शीद के न्यास की रिपोर्ट की जांच शुरू की
लखनऊ: केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी के अनुरोध पर विचार कर उत्तर प्रदेश सरकार ने इस दंपत्ति द्वारा संचालित जाकिर हुसैन ट्रस्ट की वर्ष 2009-2010 की विकलांग कल्याण परीक्षण रिपोर्ट के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह ट्रस्ट फिलहाल विवादों में घिर गया है।

लुई खुर्शीद को भेजे पत्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उनसे कहा है कि उन्होंने उनकी चिट्ठी राज्य के विकलांग कल्याण विभाग के मुख्य सचिव को अग्रसारित कर दी है और उन्हें कार्रवाई से अवगत करा दिया जाएगा।

एक हिंदी खबरिया चैनल ने 9 अक्टूबर को आरोप लगाया था कि इस गैरसरकारी संगठन ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में वरिष्ठ अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर ले लिए और विकलांग लोगों को लाभ से वंचित कर दिया।

इस मुद्दे से राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया और सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने इस गैरसरकारी संगठन द्वारा धन की कथित हेराफेरी के खिलाफ 12 अक्टूबर को विकलांग व्यक्तियों के साथ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आवास की ओर मार्च करने की घोषणा की है।

विवाद उत्पन्न होने के अगले ही दिन बुधवार को खुर्शीद की पत्नी लुई ने यह कहते हुए खंडन जारी किया कि आरोप में कोई दम नहीं है और वे झूठे, दुर्भावनापूर्ण तथा बेबुनियाद हैं। अपने बयान में उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को 17 सितंबर को पत्र लिखकर जांच करवाने का आग्रह किया था ताकि सचाई सामने आए और यह साबित हो कि न्यास ने उत्तर प्रदेश के किसी भी अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर नहीं किए हैं।

केजरीवाल ने कानून मंत्री के इस्तीफे की मांग की जबकि भाजपा ने यह कहते हुए खर्शीद को निशाना बनाया कि यह गंभीर मामला है और धोखाधड़ी की गई है। कांग्रेस ने यह कहते हुए आरोपों के गुण-दोष पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि कानून मंत्री की पत्नी पहले ही सफाई दे चुकी हैं।

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