
डेरेक ओ ब्रायन (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
तृणमूल कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि वे नोटबंदी के प्रतिकूल प्रभावों की जिम्मेदारी लें और अपने पद से इस्तीफा दे दें, क्योंकि उनके द्वारा खुद तय की गई 50 दिनों की समय सीमा शुक्रवार को समाप्त हो रही है. तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, प्रधानमंत्री ने 50 दिनों की समय सीमा तय की थी..110 लोग मर चुके हैं, अर्थव्यवस्था बुरी अवस्था में है. आतंकवाद का वित्त पोषण बंद करने, भ्रष्टाचार और कालाधन समाप्त करने का जो मूल लक्ष्य उन्होंने तय किया था, वह पूरा नहीं हुआ है.
उन्होंने कहा, आज (शुक्रवार) रात समयसीमा समाप्त हो रही है. कल (शनिवार) का दिन उनके लिए इस्तीफा देने के लिए अच्छा रहेगा. यह साल का आखिरी दिन होगा. प्रधानमंत्री को निश्चित ही इस्तीफा दे देना चाहिए.
गत 8 नवम्बर को 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने के मोदी के कदम को पूर्ण रूप से असफल बताते हुए राज्यसभा सदस्य ने इसे चुनावी मंशा से अभिप्रेरित बताया.
ब्रायन ने एक टीवी चैनल से कहा, नोटबंदी का आतंकवाद, कालाधन और भ्रष्टाचार के खात्मे से कोई लेना देना नहीं है. यह उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक उद्देश्यों से की गई है.
ब्रायन ने कहा, मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को कुछ गंभीर सवालों के उत्तर देने हैं. प्रधानमंत्री को जवाब देना है कि इस बड़ी कवायद के अंत में उन्हें क्या मिला है.
नववर्ष की पूर्व संध्या पर मोदी राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं. इसको लेकर तृणमूल सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस्तीफे के लिए यह एक अच्छा दिन है.
ब्रायन ने कहा, मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री कल (शनिवार को) एक बड़ी घोषणा करेंगे. अगर उनके पास एक अंतरात्मा है और अगर वह एक मार्केटिंग एजेंसी नहीं चलाते हैं जिसे भाजपा व राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कहा जाता है, तो हो सकता है कि 31 दिसम्बर को वह सभी गड़बड़ियों की जिम्मेदारी लेते हुए अपने इस्तीफे की घोषणा कर दें.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, आज (शुक्रवार) रात समयसीमा समाप्त हो रही है. कल (शनिवार) का दिन उनके लिए इस्तीफा देने के लिए अच्छा रहेगा. यह साल का आखिरी दिन होगा. प्रधानमंत्री को निश्चित ही इस्तीफा दे देना चाहिए.
गत 8 नवम्बर को 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने के मोदी के कदम को पूर्ण रूप से असफल बताते हुए राज्यसभा सदस्य ने इसे चुनावी मंशा से अभिप्रेरित बताया.
ब्रायन ने एक टीवी चैनल से कहा, नोटबंदी का आतंकवाद, कालाधन और भ्रष्टाचार के खात्मे से कोई लेना देना नहीं है. यह उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक उद्देश्यों से की गई है.
ब्रायन ने कहा, मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को कुछ गंभीर सवालों के उत्तर देने हैं. प्रधानमंत्री को जवाब देना है कि इस बड़ी कवायद के अंत में उन्हें क्या मिला है.
नववर्ष की पूर्व संध्या पर मोदी राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं. इसको लेकर तृणमूल सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस्तीफे के लिए यह एक अच्छा दिन है.
ब्रायन ने कहा, मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री कल (शनिवार को) एक बड़ी घोषणा करेंगे. अगर उनके पास एक अंतरात्मा है और अगर वह एक मार्केटिंग एजेंसी नहीं चलाते हैं जिसे भाजपा व राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कहा जाता है, तो हो सकता है कि 31 दिसम्बर को वह सभी गड़बड़ियों की जिम्मेदारी लेते हुए अपने इस्तीफे की घोषणा कर दें.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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