चेन्नई:
केंद्र की संप्रग सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए तमिलनाडु विधानसभा ने मांग की है कि भारत पृथक तमिल ईलम को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव पेश करे और श्रीलंका को मित्र राष्ट्र बुलाना बंद करे।
विधानसभा ने बुधवार को सर्वसम्मति से इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया। इसमें केंद्र से आग्रह किया गया है कि श्रीलंका में तमिलों का ‘दमन’ रुकने तथा ‘नरसंहार और युद्ध अपराध’ के लिए जिम्मेदार लोगों के अंतरराष्ट्रीय जांच का सामना करने तक कोलंबो पर आर्थिक प्रतिबंध लगाया जाए।
प्रस्ताव पेश करते हुए मुख्यमंत्री जयललिता ने कहा कि छात्रों की ओर से किया जा रहा प्रदर्शन श्रीलंका के मुद्दे पर उनकी सरकार के कदम को प्रतिबिंबित करता है।
उन्होंने छात्रों से अपील की है कि वे हड़ताल खत्म करें और स्कूल कालेज जाना शुरू करें।
केंद्र और द्रमुक पर निशाना साधते हुए जयललिता ने आरोप लगाया कि श्रीलंका में 2009 में दोनों संघर्ष विराम सुनिश्चित करा पाने में नाकाम रहे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि द्रमुक के मुखिया करुणानिधि इस मुद्दे पर दोहरा रवैया अपना रहे हैं। उनकी इस टिप्पणी पर द्रमुक के सदस्यों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।
विधानसभा ने बुधवार को सर्वसम्मति से इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया। इसमें केंद्र से आग्रह किया गया है कि श्रीलंका में तमिलों का ‘दमन’ रुकने तथा ‘नरसंहार और युद्ध अपराध’ के लिए जिम्मेदार लोगों के अंतरराष्ट्रीय जांच का सामना करने तक कोलंबो पर आर्थिक प्रतिबंध लगाया जाए।
प्रस्ताव पेश करते हुए मुख्यमंत्री जयललिता ने कहा कि छात्रों की ओर से किया जा रहा प्रदर्शन श्रीलंका के मुद्दे पर उनकी सरकार के कदम को प्रतिबिंबित करता है।
उन्होंने छात्रों से अपील की है कि वे हड़ताल खत्म करें और स्कूल कालेज जाना शुरू करें।
केंद्र और द्रमुक पर निशाना साधते हुए जयललिता ने आरोप लगाया कि श्रीलंका में 2009 में दोनों संघर्ष विराम सुनिश्चित करा पाने में नाकाम रहे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि द्रमुक के मुखिया करुणानिधि इस मुद्दे पर दोहरा रवैया अपना रहे हैं। उनकी इस टिप्पणी पर द्रमुक के सदस्यों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।
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