
नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू ने आज जीपीएस आधारित जियो ऑग्मेंटेड नेविगेशन (गगन) प्रणाली की शुरुआत की। इस प्रणाली से हवाई मार्ग छोटे होंगे और लागत में भी कमी आएगी।
गगन उपग्रह आधारित नेविगेशन प्रणाली है, जो कि प्रयोगकर्ता को भू-आकाशीय स्थिति की जानकारी बेहद सटीकता के साथ रफ्तार, समय के साथ-साथ अक्षांश, देशांतर और उंचाई के रूप में भी देगी।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण (एएआई) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की गई 774 करोड़ रुपये की गगन प्रणाली, उड्डयन उद्योग को बिना किसी अड़चन के नेविगेशन उपलब्ध कराएगी।
गगन के आने से सिर्फ लागत में कमी ही नहीं, रनवे पर बेहतर मार्ग-निर्देशन, ईंधन की बचत और साथ साथ जमीन पर लगाई जाने वाली कई प्रणालियों में कमी आएगी जिससे चालक दल और ग्राउंड क्रू के काम में भी मदद मिलेगी। गगन सिर्फ भारत के लिए ही नहीं, बंगाल की खाड़ी, दक्षिणपूर्वी एशिया और मध्यपूर्व से अफ्रीका तक के लिए जीपीएस को सेवा उपलब्ध करवाएगा।
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