
एक साल के भीतर पठानकोट-जम्मू नेशनल हाईवे पर हुए दूसरे आतंकी हमले से लोग सहम गए हैं। खासकर इस रास्ते से होकर जाने वाले बाबा अमरनाथ और वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। इन दोनों तीर्थस्थानों पर आने वाले यात्री इसी राजमार्ग से होकर गुजरते हैं। रेल की पटरी राजमार्ग से मात्र चार किमी दूरी पर है और तो और कई जगहों पर पाकिस्तानी सीमा से सड़क से मात्र तीन से चार किमी की दूरी पर है।
जम्मू से मात्र 80 किमी की दूरी पर कठुआ- सांबा इलाके में करीब डेढ़ साल के भीतर तीसरी बार हुए इस आतंकी हमले के बाद अमन और शांति गायब हो गई है। इस नेशनल हाईवे पर जितने वाहने गुजरते हैं, उनमें 90 फीसदी वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा में शमिल होने आने वाले होते हैं।
वैसे जम्मू के रघुनाथ मंदिर पर दो बार आतंकी हमला हो चुका है। वैष्णो देवी गुफा पर भी हमला करने की कोशिश की लेकिन सुरक्षाबलों की कड़ी चौकसी की वजह से आतंकियों के हाथ निराशा लगी है।
कहने को सुरक्षा इतनी कड़ी है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकती, लेकिन आतंकियों की घुसपैठ और उनके हमले ने ऐसे तमाम दावों की धज्जियां उड़ाई हैं। हालांकि ये भी सच है सुरक्षा बलों की कार्रवाई का ही नतीजा है कि आतंकियों के ज्यादातर खतरनाक मंसूबे पूरे नही हुए है।
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