
देश में बढ़ते कोरोना (Coronavirus) संकट के कहर के बीच राजद नेता और बिहार (Bihar) के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने एक बार फिर नीतीश कुमार (Nitish Kumar) सरकार पर निशाना साधा है. तेजस्वी ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए अगर कोई ठोस योजना नहीं लाई गई तो वे प्रदर्शन करेंगे. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार को कोरोना महासंकट के समय पांच ही तो काम करने थे लेकिन सरकार इतना भी नहीं कर पाई. उन्होंने बिहार सरकार से राज्य के बाहर रह रहे प्रवासी मजदूरी को बिना देरी के बुलाने के लिए कहा है.
तेजस्वी यादव ने काव्यात्मक अंदाज में बुधवार को अपने ट्वीट में लिखा- 5 ही तो काम करने थे बिहार सरकार को इस महासंकट में. “अप्रवासी मज़दूरों की घर बुलाई, चुप कराना भूखे बच्चों की रुलाई, हर बिहारी को राशन और दवाई. सरकार इतना भी नहीं कर पाई.” आपकी बहानेबाज़ी में 35 दिन बीत गए अब अप्रवासी कामगारों को अविलंब वापस बुलाओ.
पाँच ही तो काम करने थे बिहार सरकार को इस महासंकट में।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) April 29, 2020
“अप्रवासी मज़दूरों की घर बुलाई
चुप कराना भूखे बच्चों की रुलाई
हर बिहारी को राशन और दवाई
सरकार इतना भी नहीं कर पाई”
आपकी बहानेबाज़ी में 35 दिन बीत गए अब अप्रवासी कामगारों को अविलंब वापस बुलाओ।
उन्होंने अपने अगले ट्वीट में कहा, "असंवेदनशील, निकम्मी और क्रूर बिहार सरकार की प्रशासनिक विफलता के कारण 25 लाख अप्रवासी बिहारीवासी बाहर फंसे हैं. 35 दिन बाद भी उन्हें वापस बुलाने की कोई समग्र योजना व वैकल्पिक उपाय नहीं है. इस गूंगी, अंधी और बहरी सरकार का मुंह, आंख और कान खोलने के लिए हम सांकेतिक विरोध-प्रदर्शन करेंगे."
असंवेदनशील,निकम्मी और क्रूर बिहार सरकार की प्रशासनिक विफलता के कारण 25 लाख अप्रवासी बिहारीवासी बाहर फँसे है। 35 दिन बाद भी उन्हें वापस बुलाने की कोई समग्र योजना व वैकल्पिक उपाय नहीं है। इस गूँगी,अँधी और बहरी सरकार का मुँह,आँख और कान खोलने के लिए हम सांकेतिक विरोध-प्रदर्शन करेंगे।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) April 29, 2020
तेजस्वी यादव पहले भी कई बार दूसरे राज्यों में फंसे बिहार के प्रवासी मजदूरों को वापस लाने का सीएम नीतीश कुमार और उनकी सरकार से आग्रह कर चुके हैं. हालांकि, नीतीश कुमार इसके पक्ष में नहीं हैं क्योंकि उनका मानना है कि इससे लॉकडाउन का उल्लंघन होगा. उत्तर प्रदेश सरकार ने जब प्रवासी मजदूरों और उसके बाद राजस्थान के कोटा में फंसे बच्चों को निकालने के लिए विशेष बसें भेजी थीं, तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस कदम का विरोध किया था.
बिहार में कोरोना संक्रमण के मामले पिछले कुछ दिनों से तेजी से बढ़ रहे हैं. फिलहाल, राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या 366 है. जिसमें से दो की मौत हो चुकी है जबकि 64 लोग इस वायरस के प्रकोप से बाहर आ चुके हैं.
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