New Delhi:
जनता पार्टी के प्रमुख सुब्रह्मण्यम स्वामी ने दिल्ली की अदालत से कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम को 2जी घोटाले में आरोपी बनाया जाना चाहिए, क्योंकि पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के साथ संयुक्त रूप से उन्होंने स्पेक्ट्रम के मूल्यों पर निर्णय किया था। राजा इस मामले के मुख्य आरोपी हैं। चिदंबरम के खिलाफ अभियोग चलाने की मांग वाली निजी शिकायत पर गवाही देते हुए स्वामी ने कहा कि अकेले राजा को दोषी नहीं मानना चाहिए कि उन्होंने 2008 में 2001 के दामों पर स्पेक्ट्रम लाइसेंस के मूल्य तय किए। स्वामी ने सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी से कहा, राजा को इस आरोप (2001 के मामूली मूल्यों पर स्पेक्ट्रम मूल्य तय करना) में अकेले दोषी नहीं बताया जा सकता। उन्होंने चिदंबरम की मिलीभगत से यह अपराध किया। उन्होंने कहा कि 2003 के कैबिनेट के निर्णय के मुताबिक राजा और तत्कालीन वित्तमंत्री चिदंबरम को संयुक्त रूप से स्पेक्ट्रम मूल्य निर्धारित करने का अधिकार प्राप्त था। स्वामी ने कहा कि 24 फरवरी, 2011 को प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में बयान दिया था कि 2003 के कैबिनेट निर्णय के आधार पर स्पेक्ट्रम के मूल्य तय किए गए थे। कैबिनेट निर्णय में खास तौर से कहा गया कि मुद्दे पर निर्णय वित्त मंत्रालय और दूरसंचार मंत्रालय को करना है।
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