
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
सरदार सरोवर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस झा कमिशन की रिपोर्ट सावर्जनिक करने से इनकार करते हुए कहा है कि रिपोर्ट को राज्य सरकार को सौंपा जाए और सरकार छह हफ्ते के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट कोर्ट को सौंपे।
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगाई थी, जिसमें कमिशन की रिपोर्ट को हाईकोर्ट और याचिकाकर्ता नर्मदा बचाओ आंदोलन को देने के आदेश दिए थे। इसे लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी।
सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया था कि कानूनन कमिशन की रिपोर्ट विधानसभा को सौंपी जाती है और इसे विधानसभा पटल पर रखा जाता है और वहां इस पर फैसला लिया जाता है। अगर हाईकोर्ट को ये दी जाएगी तो वहां से कोई फैसला आया तो विधानसभा के साथ टकराव होगा। यह अधिकार विधानसभा का है, लिहाजा हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाई जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगाई थी, जिसमें कमिशन की रिपोर्ट को हाईकोर्ट और याचिकाकर्ता नर्मदा बचाओ आंदोलन को देने के आदेश दिए थे। इसे लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी।
सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया था कि कानूनन कमिशन की रिपोर्ट विधानसभा को सौंपी जाती है और इसे विधानसभा पटल पर रखा जाता है और वहां इस पर फैसला लिया जाता है। अगर हाईकोर्ट को ये दी जाएगी तो वहां से कोई फैसला आया तो विधानसभा के साथ टकराव होगा। यह अधिकार विधानसभा का है, लिहाजा हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाई जाए।
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