
सुप्रीम कोर्ट की फाइल फोटो
नई दिल्ली:
सरकारी विज्ञापन के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ यूपी सरकार के रिव्यू पिटिशन पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा है।
इस मामले में पहले ही तामिलनाडु समेत अन्य राज्यों की ओर से रिव्यू पिटिशन दाखिल की गई है और सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर 27 नवंबर की तारीख तय कर रखी है। यूपी सरकार की अर्जी को भी पहले से लंबित मामले के साथ टैग कर दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा था कि सरकारी विज्ञापनों में सिर्फ राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया का ही फोटोग्राफ हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की उस दलील को ठुकरा दिया जिसमें केंद्र सरकार ने कहा था कि यह नीतिगत मामला है और इसमें जूडिशियरी को दखल नहीं देना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट में राज्यों की ओर से अर्जी दाखिल कर फैसले में पुनर्विचार की गुहार लगाई गई है और राज्यों के मुख्यमंत्री के फोटोग्राफ भी विज्ञापन में देने की छूट की गुहार लगाई गई है।
इस मामले में पहले ही तामिलनाडु समेत अन्य राज्यों की ओर से रिव्यू पिटिशन दाखिल की गई है और सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर 27 नवंबर की तारीख तय कर रखी है। यूपी सरकार की अर्जी को भी पहले से लंबित मामले के साथ टैग कर दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा था कि सरकारी विज्ञापनों में सिर्फ राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया का ही फोटोग्राफ हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की उस दलील को ठुकरा दिया जिसमें केंद्र सरकार ने कहा था कि यह नीतिगत मामला है और इसमें जूडिशियरी को दखल नहीं देना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट में राज्यों की ओर से अर्जी दाखिल कर फैसले में पुनर्विचार की गुहार लगाई गई है और राज्यों के मुख्यमंत्री के फोटोग्राफ भी विज्ञापन में देने की छूट की गुहार लगाई गई है।
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