
शशि थरूर के संग सुनंदा की फाइल तस्वीर
नई दिल्ली:
सुनंदा पुष्कर की हत्या के एक रात पहले शशि थरूर और सुनंदा के बीच जमकर सुबह साढ़े चार बजे तक झगड़ा हुआ था। सुनंदा के नौकर नारायण सिंह ने एसडीएम को दिए बयान में ये चौंकाने वाली जानकारियां दी थी। शुरुआती जांच में पुलिस ने एसडीएम को दिए गए गवाहों के इन बयानों को तवज्जो नहीं दी थी।
लेकिन, एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस के लिए इन लोगों के बयान अब बेहद महत्वपूर्ण हो गए हैं। एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस अब फिर गवाहों के बयानों की जांच में जुट गई है। इन बयानों की कॉपी एनडीटीवी को मिली है।
सुनंदा पुष्कर के साथ अंतिम समय तक रहने वाले नौकर नारायण ने सुनंदा की मौत के बारे में खुलासे किए हैं। एसडीएम को दिए बयानों में नारायण सिंह ने कहा है कि
- घटना के एक साल पहले से सुनंदा और शशि के बीच लड़ाई होती थी। दिसंबर 2013 में सुनंदा और शशि थरूर दुबई गए थे, जहां पहली बार दोनों के बीच लड़ाई हुई थी।
- उस दौरान सुनंदा ने शशि को मारा था। बाद में दिल्ली आकर भी दोनों में जमकर लड़ाई होती थी।
- त्रिवेंद्रम से आते हुए जहाज में सुनंदा ने शशि थरूर के सारे फोन ये कहकर ले लिए थे कि वो उसकी तबीयत की बजाय फोन पर ध्यान रखते हैं। नारायण के बयान के मुताबिक बाद में सुनंदा रास्ते भर रोती रही थी।
- सुनंदा और शशि थरूर ने 15 जनवरी को होटल लीला में कमरा लिया था। 15 जनवरी को जब सुनंदा लीला होटल पहुंची तो उसे कमरा मिला रूम नंबर 307...।
- नारायण के मुताबिक कमरे में जाते ही सुनंदा शशि के फोन के और ट्वीटर के मैसेज कॉपी करने लगी और देर रात शशि को फोन कर ये भी कह दिया कि उसने सारी बात मीडिया को बता दी है।
- उस रात शशि और सुनंदा में फिर लड़ाई हुई थी। बाद में सुनंदा के दो दोस्त भी होटल पहुंचे और शशि थरूर चले गए।
- 16 जनवरी को शशि रात 8-9 के बीच होटल पहुंचे और नारायण से टीवी चलाने को कहा। नारायण के मुताबिक तबीयत खराब होने के बाद वो घर चला गया और जब लौटा तो कमरा नंबर 307 से 345 हो गया था।
- नारायण के मुताबिक सुनंदा रात 11.30 बजे उठीं और शशि को बुलाने के लिए कहा।
- शशि जयपुर जाने का सामान लेकर रात करीब 12.30 बजे होटल पहुंचे।
- सुबह 4.30 तक शशि और सुनंदा में लड़ाई होती रही। सुनंदा 4.30 से 5.00 बजे तक किसी को फोन पर सारी बात बताती रहीं और 6.30 बजे फिर लड़ाई के बाद शशि चले गए।
- तब सुनंदा ने नारायण को घर जाकर सोने की हिदायत देते हुए कहा कि जब वो आए तो अपने साथ सफेद सूट लेता आए। सुनंदा ने उससे कहा था कि वो ये सूट काफ्रेंस में पहनेंगी।
- शशि के पीए राकेश के साथ नारायण वापस होटल आया तो सुनंदा रूम में सो रही थी। उसने पैरों को हाथ लगाकर उसे उठाने की कोशिश की मगर राकेश ने उसे ऐसा करने से मना कर दिया।
- शाम 4.30 बजे सुनंदा के दोस्त संजय को नारायण से उसकी तबीयत के बारे में पता लगा तो वो भी होटल पहुंचे, मगर सुनंदा उस समय़ भी नहीं उठी।
- शशि का संदेश आया कि सुनंदा के जगने पर उसे बताया जाए। दो बार संदेश आने के बाद भी जब सुनंदा नहीं जगी तो शशि रात 7.45 बजे होटल पहुंचे।
- शशि ने पहले चाय पी, फिर 8.20 पर सुनंदा को जगाना चाहा। मगर वो नहीं जगी। सुनंदा की मौत हो चुकी थी। इसके बाद होटल मैनेजर को फोन कर डॉक्टर बुलाने के लिए कहा गया।
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