
कोविड-19 रोगियों के इलाज में शामिल डॉक्टर और नैदानिक जांच कर्ताओं ने कहा है कि इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि ठीक हो चुके लोगों में फिर से संक्रमण फैल रहा है. महामारी विज्ञान एवं निगरानी से संबंधित आईसीएमआर अनुसंधान कार्यबल के सदस्य डॉक्टर गिरिधर बाबू ने कहा कि पक्के तौर पर यह कहना मुश्किल है कि ठीक हो चुके लोगों में फिर से संक्रमण पाया जा रहा है क्योंकि रोगियों के ठीक होने के बाद उनमें दिखाई देने वाले कुछ लक्षण, कोविड-19 लक्षणों के साथ भ्रम पैदा कर सकते हैं.
उन्होंने कहा कि यह पता लगाना होगा कि कोरोना वायरस, ठीक हो चुके लोगों में नए संक्रमण का कारण तो नहीं बन गया.मुंबई स्थित केईएम अस्पताल में पल्मोनोलॉजी विभाग में छाती रोग विशेषज्ञ डॉक्टर स्वप्निल कुलकर्णी ने भी कहा कि ठीक हो चुके रोगियों में फिर से संक्रमण फैलने के सबूत नहीं मिले हैं. पुणे में कोविड-19 रोगियों का इलाज कर रहे कुलकर्णी ने कहा, ''इस साल की शुरुआत में चीन में ठीक हो चुके लोगों में फिर से संक्रमण फैलने की खबरें आई थीं, लेकिन उस पर आगे कोई जानकारी नहीं दी गई. उनको छोड़कर कहीं से भी संक्रमण दोबारा फैलने की कोई खबर नहीं आई है.''
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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं