
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान को चिट्ठी लिखकर किसानों के अनाज खरीद के मानकों में रियायत बरतने की अपील की है।
सोनिया गांधी ने लिखा है कि बेमौसमी बरसात और ओलावृष्टि के चलते गेहूं की फसल खराब हो गई है। साथ ही उन्होंने लिखा कि मौजूदा रबी सत्र में गेहूं में नमी की मात्रा बढ़ गई है।
भारतीय खाद्य निगम के मौजूदा नियमों के तहत, 14 प्रतिशत से अधिक नमी वाले गेहूं की खरीद नहीं की जाती है। 12-14 प्रतिशत नमी वाले गेहूं के समर्थन मूल्य में भी कटौती कर दी जाती है। इसी नियम का हवाला देते हुए सोनिया गांधी ने केंद्र से अपील की है कि इस बार किसानों से अनाज की खरीद में इस तरह के नियमों में ढील दी जाए।
पूरी चिट्ठी पढ़ें-
अप्रैल 6, 2015
प्रिय श्री पासवान जी,
मेरे संज्ञान में लाया गया है कि भारतीय खाद्य निगम के मौजूदा नियमों के तहत 14 प्रतिशत से अधिक नमी वाले गेहूं की खरीद नहीं की जाती है, साथ ही 12 प्रतिशत से 14 प्रतिशत नमी वाले गेहूं के दामों में भी कटौती की जाती है I
सामान्य हालात में ये प्रावधान उचित हो सकते हैं, लेकिन पिछले कुछ सप्ताह में बेमौसमी बरसात और ओलावृष्टि ने गेहूं की फसल को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है I इसी के चलते मौजूदा रबी सत्र में गेहूं में नमी की मात्रा बढ़ गयी है I
मैंने स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद किसानों के इस भारी संकट को महसूस किया है I बहुत से किसान इन हालातों के चलते रातों-रात गरीबी की चपेट में आ गए हैं और कुछ तो दिवालियेपन के कगार पर हैं I
इस अभूतपूर्व संकट के चलते बहुत थोड़ा गेहूँ ही खरीद के मानकों पर खरा उतर पाएगा I ये किसानों के लिए कठिनाई के दिन हैं क्योंकि प्राकृतिक कारणों के चलते वो अपनी फसलों को नही बेच पाएंगे, ऐसे में उनको न्यूनतम समर्थन मूल्य देने की मूल अवधारणा ही बेमानी हो जाएगी I हालांकि सरकार द्वारा गेहूं के लिए घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य वास्तविक लागत के मुताबिक नहीं है, फिर भी इस मूल्य पर भी सरकार द्वारा गेहूँ ना खरीदे जाने से पहले से ही संकटग्रस्त किसान की समस्याएं और बढ़ जाएंगी I
मौजूदा संकट की स्थिति में गेहूं की खरीद के लिए सामान्य हालात में तय किए जाने वाले खरीद के मानक लागू नहीं किये जा सकते I इसलिए मैं सरकार से आग्रह करती हूं कि गेहूं की खरीद में नमी के मानकों में छूट दी जाए I इससे किसानों को थोड़ी ही सही, लेकिन जरूरी राहत मिल पाएगीI
पहले भी ऐसा कई बार किया गया है जब सरकार ने संकट के समय में फसलों के खरीद मानकों में रियायतें मुहैया कराई हैं I यू.पी.ए. सरकार ने भी इस नीति का पालन किया और सुनिश्चित किया कि इस तरह के संकट में खरीद के गुणवता मानकों में छूट दी जाए I मुझे उम्मीद है कि आपका मंत्रालय भी ऐसा ही करेगा और इस सम्बन्ध में जल्द से जल्द दिशा-निर्देश जारी करेगा I
शुभकामनाओं सहित,
भवदीय,
सोनिया गांधी
श्री रामविलास पासवान
मंत्री उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं जन-वितरण
भारत सरकार
12, जनपथ
नई दिल्ली – 110011
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