
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (फाइल फोटो)
इम्फाल:
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मणिपुर में सत्तारूढ़ कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों के अड़ियल रवैये को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह और उपमुख्यमंत्री गईखंगम को तलब किया है। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री रविवार सुबह इम्फाल से राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं, जहां वे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के सदस्यों की शनिवार देर शाम एक बैठक बुलाई गई थी।
एक असंतुष्ट नेता ने कहा कि वे बैठक में सिर्फ सुनते रहे। इबोबी केवल इस बारे में बोलते रहे कि कैसे सरकार की योजना राज्य के 87 फीसदी लोगों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से जोड़ने की है, जो 1 अप्रैल से लागू होगा।
इबोबी ने कहा, सरकार ने इस योजना के लिए 30 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं और इसकी सफलता के लिए सीएलपी सदस्यों का सहयोग आवश्यक है।
कांग्रेस हाईकमान ने अभी महासचिव वी. नारायणस्वामी को यहां नहीं भेजा है। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री दो या तीन मंत्रियों को मंत्रिमंडल से हटाना और नए मंत्रियों को नियुक्त करना चाहते हैं, लेकिन यह असंतुष्ट विधायकों को स्वीकार्य नहीं है, जिनकी संख्या सीएलपी के कुल 48 सदस्यों में 25 से अधिक है।
पार्टी के असंतुष्ट विधायक मंत्रालय में पूरी तरह फेरबदल करने और 'एक व्यक्ति एक पद' नीति को लागू करने की मांग कर रहे हैं, ताकि गईखंगम को मंत्रालय से हटाया जा सके या फिर पार्टी के अध्यक्ष पद, विभिन्न निगमों के पदों व दायित्वों से मुक्त किया जा सके।
मणिपुर में अगले साल फरवरी में चुनाव होने हैं। अब असंतुष्टों की नजर मुख्यमंत्री इबोबी और उपमुख्यमंत्री गईखंगम के दिल्ली से लौटने पर है, जिसका वे इंतजार कर रहे हैं।
एक असंतुष्ट नेता ने कहा कि वे बैठक में सिर्फ सुनते रहे। इबोबी केवल इस बारे में बोलते रहे कि कैसे सरकार की योजना राज्य के 87 फीसदी लोगों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से जोड़ने की है, जो 1 अप्रैल से लागू होगा।
इबोबी ने कहा, सरकार ने इस योजना के लिए 30 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं और इसकी सफलता के लिए सीएलपी सदस्यों का सहयोग आवश्यक है।
कांग्रेस हाईकमान ने अभी महासचिव वी. नारायणस्वामी को यहां नहीं भेजा है। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री दो या तीन मंत्रियों को मंत्रिमंडल से हटाना और नए मंत्रियों को नियुक्त करना चाहते हैं, लेकिन यह असंतुष्ट विधायकों को स्वीकार्य नहीं है, जिनकी संख्या सीएलपी के कुल 48 सदस्यों में 25 से अधिक है।
पार्टी के असंतुष्ट विधायक मंत्रालय में पूरी तरह फेरबदल करने और 'एक व्यक्ति एक पद' नीति को लागू करने की मांग कर रहे हैं, ताकि गईखंगम को मंत्रालय से हटाया जा सके या फिर पार्टी के अध्यक्ष पद, विभिन्न निगमों के पदों व दायित्वों से मुक्त किया जा सके।
मणिपुर में अगले साल फरवरी में चुनाव होने हैं। अब असंतुष्टों की नजर मुख्यमंत्री इबोबी और उपमुख्यमंत्री गईखंगम के दिल्ली से लौटने पर है, जिसका वे इंतजार कर रहे हैं।
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