
पी चिदम्बरम की जमानत की अर्जी पर सोमवार को दिल्ली के एक कोर्ट में सुनवाई हुई. पी चिदंबरम की ओर से वकील कपिल सिब्बल ने बहस की. कोर्ट में चिदंबरम के एक अन्य वकील अभिषेक मनु सिंघवी भी मौजूद थे. सीबीआई की तरफ से एसजी तुषार मेहता ने कहा कि सीबीआई स्टेटस रिपोर्ट पहले ही दाखिल कर चुकी है, जबकि चिदम्बरम ने आज उस पर अपना रिप्लाई दाखिल किया है. यह 2007 का मामला है. 2017 में FIR दर्ज की गई.
बचाव पक्ष ने कहा कि 2018 में एक बार ही पूछताछ हुई. हाईकोर्ट में जनवरी में अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया, सात महिने बाद सुनाया. 20 अगस्त को अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई. पी चिदंबरम के घर के बाहर रात में एक नोटिस चिपका दिया गया और दो घंटे में आधी रात को पेश होने के लिए कहा गया. पी चिदंबरम ने जवाब भी दिया. चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट में एप्रोच किया लेकिन 21 अगस्त को रात में गिरफ्तारी की. चिदंबरम की ओर से कहा गया कि CBI ने विदेश भागने का अंदेशा जताया जबकि पी चिदंबरम एक कानून का पालन करने वाले व्यक्ति हैं. 21 अगस्त को गिरफ्तारी के बाद पी चिदंबरम 15 दिन की सीबीआई हिरासत पूरी करके 5 सितंबर से न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में हैं.
सीबीआई ने कहा कि यह आर्थिक अपराध का मामला है. कपिल सिब्बल ने कहा कि सीबीआई कहती है कि पी चिदंबरम केस और लोगों को प्रभावित कर सकता है. सन 2007/8 का मामला है, अभी तक तो कुछ नहीं हुआ. मामले में इंद्राणी मुखर्जी (जो कि अब सरकारी गवाह बन चुकी हैं) भास्करन, कार्ति चिदंबरम और पी चिदंबरम आरोपी हैं. आरोप गलत है कि सबूतों के साथ छेड़छाड़ करेंगे. चिदंबरम ने कहा कि 2017 से मैंने किस पर दबाव डाला, किसको प्रभावित किया. भास्कर रमन बेल पर हैं, कार्ति रेगुलर बेल पर हैं. 21 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया गया. जो भी धाराएं हैं उसमे सात साल की सजा है. अभी मैं JC में हूं.
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कपिल सिब्बल ने कहा कि सीबीआई का कहना है कि चिदंबरम केस को प्रभावित कर सकते हैं. जिन बैंक की बात सीबीआई बात कर रही है. मैंने क्या किसी को फोन किया, कैसे प्रभावित कर सकता हूं. LR को कैसे प्रभावित कर सकते हैं. आरोप गलत है, जमानत मिलनी चाहिए. FIPB क्लियरेंस 6 सेक्रेट्री के सामने दी गई है. इसमें एक तो RBI के गवर्नर भी बने. सिब्बल ने कहा कि इन लोगों को भी आरोपी बनाया गया क्या? नहीं. क्योंकि सब कानूनी तरीके से किया गया. बस चिदंबरम जेल में हैं.
सिब्बल ने कहा कि चिदंबरम के खिलाफ 120 बी और 420 क्यों है? पैसा देश में आया, नुकसान क्या हुआ? इनका कहना है कि कार्ति चिदंबरम को 10 लाख दिए गए. कार्ति चिदंबरम को भी 23 दिन में जमानत मिल गई थी. पी चिदंबरम को तो और भी ज्यादा दिन हो गए. जो भी स्वीकृति दी गई, नियम अनुसार दी गई. सिब्बल ने कहा कि INX मीडिया मामले में आरंभिक तौर पर 4.62 करोड़ के फेस वेल्यू पर पैसा लाया गया. शेयर ट्रांसफर भी सेबी के नियमों के मुताबिक किया गया. कभी सेबी और आरबीआई ने नोटिस इश्यू नहीं किया. गाइडलाइन के मुताबिक ही सब कुछ किया गया.
सिब्बल ने कहा कि अनुमति 46 फीसदी शेयर को लेकर थी, कीमत के लिए नहीं. 600 करोड़ से कम विदेशी निवेश को मंजूरी देने का हक था. INX मीडिया में बोर्ड ने 46 फीसदी की मंजूरी दी थी, शेयर्स की फेस वेल्यू 4.62 करोड़ थी लेकिन प्रिमियम वेल्यू ज्यादा थी. सब कुछ नियम अनुसार हुआ. इस मामले में सेबी या रिजर्व बैंक का कभी कोई नोटिस नहीं आया.
सिब्बल की तरफ से बहस मंगलवार को भी जारी रहेगी. कल 3 बजे से मामले की सुनवाई होगी.
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