अहमदाबाद:
गुजरात दंगों को लेकर मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा करने वाले आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को सस्पेंड कर दिया गया है। पांच पन्नों के सस्पेन्शन लेटर में 1988 बैच के आईपीएस संजीव भट्ट पर बिना छुट्टी लिए ड्यूटी से गायब रहने और सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लगाए गए हैं। सरकार ने इससे पहले भट्ट को नोटिस देकर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी। संजीव भट्ट और गुजरात सरकार के बीच काफी समय से टकराव चल रहा है। भट्ट ने इस मार्च में सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर करके कहा था कि गुजरात में दंगे भड़कने के बाद 27 फरवरी 2002 को हुई एक अहम बैठक में नरेन्द्र मोदी ने अधिकारियों को दंगाइयों के खिलाफ कार्रवाई करने में ढिलाई बरतने के निर्देश दिए थे। भट्ट का दावा था कि वो भी उस बैठक में मौजूद थे।
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संजीव भट्ट, सस्पेंड, नरेन्द्र मोदी