मुंबई : साकीनाका बलात्कर और हत्या केस में पुलिस ने 18 दिन के भीतर फाइल की चार्जशीट

साकीनाका बलात्कर और हत्या केस में साकीनाका पुलिस ने 18 दिन के भीतर चार्जशीट फ़ाइल कर दी है. 346 पन्नों की चार्जशीट में 77 गवाहों के बयान संलग्न हैं और मेडीकल, टेक्निकल और फोरेंसिक सबूतों के जरिये केस को फूल प्रूफ बनाया गया है. महिला एसीपी ने जांच को अंजाम दिया और दिंडोशी कोर्ट में चार्जशीट फ़ाइल की.

मुंबई : साकीनाका बलात्कर और हत्या केस में पुलिस ने 18 दिन के भीतर फाइल की चार्जशीट

महिला एसीपी ने जांच को अंजाम दिया और दिंडोशी कोर्ट में चार्जशीट फ़ाइल की

मुंबई:

साकीनाका बलात्कर और हत्या केस (Sakinaka Rape Case) में साकीनाका पुलिस ने 18 दिन के भीतर चार्जशीट (Mumbai Police chargesheet) फ़ाइल कर दी है. 346 पन्नों की चार्जशीट में 77 गवाहों के बयान संलग्न हैं और मेडीकल, टेक्निकल और फोरेंसिक सबूतों के जरिये केस को फूल प्रूफ बनाया गया है. महिला एसीपी ने जांच को अंजाम दिया और दिंडोशी कोर्ट में चार्जशीट फ़ाइल की. मुंबई के साकीनाका इलाके में 9 सितंबर की रात को 45 साल के एक शख्स ने 32 साल की एक महिला की बेरहमी से हत्या कर दी थी. आरोपी ने महिला के गुप्तांग में लोहे की छड़ डाल कर क्रूरता की हद पार कर दी थी. 10 सितंबर की सुबह मामला उजागर होने के बाद हत्या और बलात्कार का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई और कुछ घंटों में ही पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया था. इस जघन्य कांड के बाद मुंबई में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने उस पर चर्चा के लिए दो दिन का विशेष सत्र बुलाने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था जिसे लेकर शिवसेना भन्ना गई थी और पार्टी के मुखपत्र सामना की संपादकीय में राज्यपाल की धोती में आग लगने तक की टिप्पणी लिखी गई थी.

बहरहाल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पुलिस को आदेश दिया था कि एक महीने के भीतर चार्जशीट दाखिल करे. मुंबई पुलिस ने 18 दिनों में ही आरोप पत्र दायर कर दिया. मुंबई पुलिस ने अपनी चार्जशीट में अपराध का पूरा ब्योरा दिया है. चार्जशीट के मुताबिक आरोपी और पीड़िता एक दूसरे को जानते थे और करीबी भी थे.

आरोपी का कहना है कि वो उससे नाराज था क्योंकि उसने अपना वादा पूरा नहीं किया था. इसलिए वो 25 दिनों से उसकी तलाश कर रहा था लेकिन असफल रहा. चार्जशीट के मुताबिक 25 दिन बाद 9 सितंबर की रात जब उसने उसे देखा तो गुस्से में उस पर हमला कर दिया. उसने उस पर हमला करने के लिए रॉड जैसे हथियार का इस्तेमाल किया. उसने रॉड को उसके गुप्तांगों में इतनी जोर से डाला कि उसकी आंतें बाहर आ गईं. 10 सितंबर की सुबह करीब साढ़े तीन बजे एक स्थानीय चौकीदार ने मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम को फोन किया.


उसने बताया कि एक महिला पर एक पुरुष ने बेरहमी से हमला किया है. पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन दूसरे दिन यानी 11 सितंबर को उसने दम तोड़ दिया. चार्जशीट में हमले की क्रूरता का जिक्र किया गया है. कुल 77 गवाहों में कंट्रोल रूम में कॉल करने वाले चौकीदार का बयान, आरोपी और पीड़िता को एक साथ देखने वाले लोग और डॉक्टर अहम गवाह हैं.

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